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West Bengal: मेडिकल कॉलेजों की परीक्षा प्रणाली में अनियमितता का आरोप, स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंचीं शिकायतें

Thu, 03 Oct 2024 05:35 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जूनियर डॉक्टरों के आंशिक रूप से काम पर लौटने के बाद पिछले महीने के अंत से शिकायतें आ रही हैं। कुछ शिकायतें सीधे राज्य के स्वास्थ्य सचिव और कुछ राज्य स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय को भेजी गईं।
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कोलकाता में प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर। (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर की हत्या के विरोध में शुरू हुए डॉक्टरों के आंदोलन के बाद अब मेडिकल कॉलेज में अनियमितताओं को लेकर शिकायतों का क्रम शुरू हो गया है। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग के पास मेडिकल कॉलेजों में धमकी की संस्कृति और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं को लेकर शिकायतें पहुंच रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक शिकायतों को राज्य-स्तरीय शिकायत निवारण समिति को भेज दिया गया है।

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विभागीय अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मेडिकल कॉलेजों में कथित धमकी संस्कृति, डराने-धमकाने की संस्कृति और परीक्षा प्रणाली में विसंगतियों के बारे में कई शिकायतें मिली हैं। इसके सटीक आंकड़े नहीं हैं, लेकिन सभी शिकायतों को राज्य-स्तरीय शिकायत निवारण समिति को अग्रेषित कर दिया है गया। बताया गया कि 25 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में से छह से शिकायतें आई हैं।

अधिकारी ने बताया कि जूनियर डॉक्टरों के आंशिक रूप से काम पर लौटने के बाद पिछले महीने के अंत से शिकायतें आ रही हैं। कुछ शिकायतें सीधे राज्य के स्वास्थ्य सचिव और कुछ राज्य स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय को भेजी गईं। कई अन्य स्वास्थ्य सेवा निदेशक को भी भेजी गईं। हमने कुछ शिकायतों का समाधान किया है और कार्रवाई की गई है। सभी शिकायतों की एक सूची तैयार की है और इसे निवारण समिति को भेज दिया गया है।
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कार्रवाई की जानकारी देते हुए अफसरों ने बताया कि नादिया के कॉलेज ऑफ मेडिसिन और जेएनएन अस्पताल में साथी छात्रों को धमकाने के आरोप के बाद 40 डॉक्टरों को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया और केवल परीक्षाओं के लिए परिसर में आने की अनुमति दी गई। वहीं नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज के पांच छात्र डॉक्टरों को मनमानी और कदाचार में शामिल होने के आरोप में छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया।

जूनियर डॉक्टर की हत्या का विरोध कर रहे चिकित्सक अनिकेत महतो ने कहा कि हम शुरू से ही आरोप लगाते रहे हैं कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेजों में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं। इस भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म किया जाना चाहिए। हमारे आंदोलन ने जूनियर डॉक्टरों और रेजिडेंट डॉक्टरों को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की उम्मीद दी है। आंदोलनकारी चिकित्सकों ने शिकायतों की एक व्यापक सूची तैयार की। इसमें राज्य के स्वास्थ्य सचिव को हटाना, अस्पतालों में अधिक पुलिस सुरक्षा और स्थायी महिला पुलिस कर्मियों की भर्ती उनकी प्रमुख मांग है। 
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