हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक डॉ.चारुदत्त पिंगले ने कहा कि शुकवार की नमाज के बाद देशभर में हिंसा को देखते हुए जब तक पूरी शासन व्यवस्था हिंदू हित की नहीं बनती तब तक 'हिंदू राष्ट्र' के लिए हमें संघर्ष करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा, "वाराणसी का नंदी आज भी ज्ञानवापी मस्जिद की ओर मुखकर मूल विध्वंसित मंदिर के भग्नावशेष देख रहा है। कर्नाटक में 'पहले हिजाब, बाद में किताब' ऐसा अभियान छात्राओं के जरिए कट्टरतावादियों ने शुरु किया था। हाईकोर्ट द्वारा उसके खिलाफ फैसला देने के बाद हिजाब की मांग करने वाले मुसलमानों को 'कुरान श्रेष्ठ या देश का संविधान' यह सवाल पूछने का साहस एक भी 'सेक्युलरवादी' को नहीं हुआ।"
डॉ. पिंगले ने आगे कहा, "हिंदुओं द्वारा हिंदू राष्ट्र की मांग करना अनुचित कैसे है? हमारा प्राकृतिक और संवैधानिक अधिकार है। वर्तमान में काम कर रहे हिंदू विरोधी 'गठबंधन' के पीछे राजनीतिक स्वार्थ है। यह एजेंडा हिंदू राष्ट्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।"
उन्होंने आगे आह्वान करते हुए कहा, "इस हिंदू विरोधी 'गठबंधन' को हराने के लिए हमें आने वाले समय में वैचारिक और बौद्धिक स्तर पर निरंतर खंडन करना पड़ेगा। इस दृष्टि से यह 'अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र अधिवेशन' महत्वपूर्ण है। कालमहिमा के अनुसार साल 2025 में हिंदू राष्ट्र आने वाला है, उसके लिए हिंदू अभी से सक्रिय हों।"
डॉ. पिंगले गोवा के पोंडा शहर के श्री रामनाथ देवस्थान में दसवें 'अखिल भारतीय हिंदू राष्ट्र अधिवेशन' के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। इस दौरान देश-विदेश और भारत के अलग-अलग राज्यों के 225 से ज्यादा प्रतिनिधि मौजूद थे।
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भारतीय अर्थव्यवस्था पर नया आक्रमण: हलाल जिहाद’ का लोकार्पण
इस मौके पर हिंदू जनजागृति समिति समर्थित मराठी और हिंदी भाषा में 'भारतीय अर्थव्यवस्था पर नया आक्रमण- हलाल जिहाद' किताब का लोकार्पण किया गया। इसका लोकार्पण सुप्रीम कोर्ट के वकील हरिशंकर जैन, भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी संयुक्तानंद महाराज, इंटरनेशनल वेदांत सोसायटी के स्वामी निर्गुणानंदगिरी महाराज और समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक डॉ. चारुदत्त पिंगले के द्वारा किया गया।