रक्षा के मोर्चे पर भारत को बड़ी सफलता मिली है। डीआरडीओ ने रविवार को आकाश मिसाइल की ताकत के बारे में जानकारी दी। आकाश मिसाइल सिस्टम के प्रदर्शन में डीआरडीओ ने दिखाया कि आकाश एक साथ चार निशानों को तबाह करने की ताकत रखता है। 25 किलोमीटर तक मार करने की क्षमता वाले आकाश मिसाइल के सफल प्रक्षेपण पर डीआरडीओ ने बताया कि हवा में सटीक निशाना साधने की ताकत से लैस आकाश मिसाइल सिस्टम भारत के सुरक्षा असलहों में अत्याधुनिक हथियार के रूप में गिना जाएगा।
भारत ऐसी ताकत वाला दुनिया का पहला देश
डीआरडीओ के मुताबिक भारत दुनिया का पहला देश है जिसके पास आकाश मिसाइल जैसी तकनीक और ताकत है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRRO) के मुताबिक सिंगल फायरिंग यूनिट का इस्तेमाल कर मिसाइल लॉन्च करना और एक साथ चार ठिकानों पर सटीक निशाना लगाने की क्षमता रखने वाले देशों में भारत सबसे आगे है। दुनिया के किसी और देश के पास फिलहाल ऐसी क्षमता नहीं है।
वायुसेना ने अस्त्रशक्ति अभ्यास के दौरान दिखाई ताकत
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर एक पोस्ट में डीआरडीओ ने बताया कि भारतीय वायुसेना (एक्स हैंडल- @IAF_MCC) ने आकाश हथियार प्रणाली का सफल इस्तेमाल किया। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते एक सैन्य अभ्यास के दौरान आकाश मिसाइल का प्रदर्शन किया गया। स्वदेशी तकनीक वाले मिसाइल का प्रदर्शन वायुसेना ने बीते 12 दिसंबर को अस्त्रशक्ति सैन्य अभ्यास के दौरान किया।
चुनिंदा दोस्तों के साथ मिसाइल सिस्टम शेयर करता है भारत
सतह से हवा में मार करने की क्षमता के साथ विकसित आकाश मिसाइल सिस्टम शॉर्ट रेंज मिसाइल है। मुख्य रूप से दुश्मन के हवाई हमलों को नाकाम करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाना है। भारत चुनिंदा मित्र देशों को यह मिसाइल सिस्टम निर्यात भी करता है।
रक्षा निर्यात में बढ़ रही भारत की ताकत
आकाश मिसाइल सिस्टम के अलावा भारत, डॉर्नियर-228 एयरक्राफ्ट, 155 एमएम की एडवांस्ड आर्टिलरी गन, ब्रह्मोस मिसाइल, लैंडमाइंस धमाके में भी सुरक्षित रहने वाले वाहनों का भी निर्यात करता है। इसके अलावा कई और अत्याधुनिक हथियार, थर्मल इमेजिंग डिवाइस, हवाई यंत्र और छोटे हथियार भी एक्सपोर्ट किए जाते हैं।