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NCP: 'उम्मीदवार का चयन सोच समझकर होगा', पत्नी के बारामती से चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच बोले अजित पवार

Sun, 18 Feb 2024 08:48 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे

सार

बारामती से अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच अजित पवार ने कहा कि पार्टी के लोकसभा उम्मीदवारों का चयन सारे पहलुओं पर विचार विमर्श करने के बाद किया जाएगा। 
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अजित पवार(फाइल फोटो) - फोटो : social media
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विस्तार
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आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी चचेरी बहन के खिलाफ अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को उम्मीदवार बनाने के कयासों के बीच रविवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि पार्टी कैडर बारामती निर्वाचन क्षेत्र में एकजुट है। बारामती में एनसीपी में कोई दरार नहीं है। उम्मीदवार का चयन सोच समझकर किया जाएगा। 
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'उम्मीदवारों का चयन विचार करके के बाद किया जाएगा'
नवी मुंबई के वाशी में एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन कई पहलुओं पर विचार करने के बाद किया जाएगा। पारिवारिक दरार को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। बारामती में एनसीपी कैंप में सद्भावना है।  गौरतलब है कि अजित पवार ने नेतृत्व वाली एनसीपी महाराष्ट्र सरकार के साथ गठबंधन में हैं। 

हमारे बीच कोई मतभेद नहीं- अजित पवार
पत्रकारों से बातचीत करते हुए अजित पवार ने कहा कि भाजपा नेता हर्षवर्द्धन पाटिल और मेरे बीच किसी भी तरह का मनमुटाव नहीं है। शिंदे सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आठ लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की लड़कियों को मुफ्त शिक्षा पर राज्य सरकार काम कर रही है। समावेशी प्रगति के लिए महाराष्ट्र की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि दुनिया और भारत बेहतरी के लिए बदल रहे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस बदलाव को अपनाने की अपील की है। राकांपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि पार्टी एक प्रगतिशील और समावेशी महाराष्ट्र की कल्पना करती है।
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यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक- सुप्रिया सुले
वहीं इससे पहले शनिवार को सुप्रिया सुले ने कहा था, 'यह एक लोकतंत्र है। यहां हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है और इसलिए यह कहना उचित है। लेकिन, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक है कि लोकतंत्र का मंदिर संसद है और कल जिस तरह से संसदीय प्रक्रियाओं का मजाक उड़ाया गया, वह हम जैसे प्रतिबद्ध और समर्पित लोगों के लिए बहुत दर्दनाक था। क्योंकि हम जवाहरलाल नेहरू, अटल बिहारी वाजपेयी और सुषमा स्वराज को देखते हैं, जिन्होंने संसद में चर्चा कर कई बड़े मतभेद पैदा किए। मैं हैरान और निराश हूं कि अजित पवार जैसे वरिष्ठ नेता ने ऐसा कुछ कहा है।'
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