दिल्ली हवाई अड्डे पर हवाई यातायात नियंत्रक साइकोएक्टिव पदार्थ के परीक्षण में पॉजिटिव पाया गया है। इसके बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कार्रवाई करते हुए कर्मचारी को ड्यूटी से हटा दिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2022 में साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए क्रू और एटीसी के परीक्षण का नियम लागू हुआ था, तब से देश में यह पहला मामला है जब किसी एटीसी का साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए परीक्षण पॉजिटिव आया है।
सूत्रों ने बताया कि यहां इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात एक एटीसी का ड्रग परीक्षण किया गया। 18 अगस्त को पुष्टि जांच रिपोर्ट आई, जिसमें व्यक्ति का पॉजिटिव पाया गया और उसे ड्यूटी से हटा दिया गया है। साइकोएक्टिव पदार्थों के सेवन के लिए विमानन कर्मियों की जांच की प्रक्रिया का विवरण देने वाली सीएआर 31 जनवरी से लागू हुई थी। फ्लाइट चालक दल और एटीसी का परीक्षण किया जाता है।
इससे पहले स्पाइसजेट एयरलाइन की मुंबई-दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) विमान में एक मई को 13 यात्रियों को आई चोट के मामले में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कार्रवाई की थी। डीजीसीए ने इस मामले में सह-पायलट के इनपुट को नजरअंदाज करने के दोषी पाए गए पायलट-इन-कमांड (PIC) के लाइसेंस को 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया था।
बता दें कि एक मई को मुंबई से दुर्गापुर जा रहे बोइंग बी737 विमान को उतरते समय गंभीर वायुमंडलीय विक्षोभ का सामना करना पड़ा था जिसके परिणामस्वरूप कुछ यात्रियों को चोटें आई थीं। बता दें कि डीजीसीए इससे पहले विमान रखरखाव इंजीनियर और स्पाइसजेट के रखरखाव नियंत्रण केंद्र के प्रभारी को भी हटा दिया था।