अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में तबादलों पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने नव निर्मित एम्स में कर्मचारियों को अपना पद छोड़े बिना स्थानांतरण की अनुमति देने का नियम बनाने का फैसला लिया है। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि तकनीकी इस्तीफे को लागू करने का प्रस्ताव दिया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि यदि एम्स दिल्ली, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ और जेआईपीएमईआर पुडुचेरी जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के किसी अधिकारी या संकाय को नए एम्स में शामिल होने का प्रस्ताव मिलता है तो तकनीकी इस्तीफे की अनुमति दी जा सकती है। तबादले के बावजूद वेतन सुरक्षा के साथ-साथ परिणामी लाभ भी मिलेंगे।
हालांकि, फैकल्टी एसोसिएशन ऑफ एम्स (एफएआईएमएस) ने इन सुझावों की आलोचना की है। एफएआईएमएस ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि एम्स दिल्ली में फैकल्टी और स्टाफ स्थानांतरण नीति को लागू करने से शिक्षण, अनुसंधान और रोगी देखभाल में बाधा आएगी। इसने "राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी प्रतिष्ठा को नुकसान होगा।"
यह प्रस्ताव एम्स दिल्ली, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, जेआईपीएमईआर पुडुचेरी के निदेशकों और नए एम्स के निदेशकों और कार्यकारी निदेशकों को भेजा गया है। 9 अक्तूबर को उन्हें भेजे गए एक संदेश में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि नए एम्स के कर्मचारियों के संबंध में तकनीकी इस्तीफे पर मंथन किया गया। स्थायी वित्त समिति की बैठकों और 5वें केंद्रीय संस्थान निकाय में भी चर्चा की गई। योजना के कार्यान्वयन और पिछली सेवा का लाभ उठाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए 15 जून 2021 को बैठक हुई थी।
खबरों के मुताबिक तकनीकी इस्तीफे की स्वीकृति पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए नए एम्स से स्वास्थ्य मंत्रालय को कई अभ्यावेदन प्राप्त हुए थे। मंत्रालय ने विभिन्न नए एम्स के संकाय/अधिकारियों को तकनीकी इस्तीफे के लाभों के विस्तार की अनुमति देने के अनुरोध के साथ कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भी एक प्रस्ताव भेजा था।
मंत्रालय ने कहा कि यदि तकनीकी इस्तीफे की अनुमति दी जाती है, तो "एक नए एम्स में काम करने वाले कर्मचारियों को अपने पद से इस्तीफा दिए बिना दूसरे नए एम्स में स्थानांतरण का विकल्प मिलेगा।" इससे उन्हें फायदा होगा क्योंकि एम्स के कर्मचारियों को अपने गृह नगर के पास काम करने का मौका मिल सकता है। इससे उन्हें अपने परिवार के साथ रहने में मदद मिल सकती है। अगर तकनीकी इस्तीफे की स्वीकृति की अनुमति दी जाती है तो आवास की उपलब्धता, उनके बच्चों की स्कूली शिक्षा से संबंधित मुद्दों का समाधान किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे कहा कि कर्मचारियों के तकनीकी इस्तीफे की अनुमति देने से कर्मचारियों की छुट्टियां खत्म नहीं होंगी। ऐसे में अवकाश संचय में निरंतरता बनी रहेगी जिससे कर्मचारियों को लाभ होगा। कर्मचारियों के तकनीकी इस्तीफे को स्वीकार करने से उन कर्मचारियों को अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) की पात्रता आगे बढ़ाई जा सकेगी जो तकनीकी इस्तीफा देने के बाद दूसरे एम्स में शामिल होंगे।
कर्मचारियों के तकनीकी इस्तीफे को स्वीकार करने से वेतन संरक्षण, वार्षिक वेतन वृद्धि के अनुदान के लिए न्यूनतम अवधि की गणना के लिए पिछली सेवा की पात्रता की अनुमति भी मिलेगी। इससे कर्मचारियों को लाभ होगा। यह राज्य या केंद्र सरकार के कर्मचारियों को नए एम्स में पदों के लिए आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
मंत्रालय ने कहा, "कर्मचारियों के तकनीकी इस्तीफे की अनुमति देने से निश्चित रूप से कर्मचारियों को फायदा होगा। इससे कुछ नए एम्स को भी फायदा हो सकता है जो अनुभवी कर्मचारियों को अपने संस्थान में काम करने के लिए आकर्षित कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार नए एम्स में अनुभवी कर्मचारियों को आकर्षित करना मुश्किल हो रहा है।" इन सबके बीच तकनीकी इस्तीफे के प्रावधान को बेहद कारगर माना जा रहा है।"