जल्द ही देश के आईटीआई में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कोर्स पढ़ाया जाएगा। इसके लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ ट्रेनिंग और नैसकॉम के बीच करार हुआ है। नीति आयोग पहले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय पढ़ाने की पैरवी कर चुका है।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शुक्रवार को कौशल विकास पर आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय मंत्री राष्ट्रीय सम्मेलन में इस बात का ऐलान किया। उन्होंने राज्य स्तर पर कौशल विकास के लिए मजबूत संस्थागत प्रणाली और संस्थागत ढांचा विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारतीय युवाओं के लिए जल्द ही ऐसे कोर्स शुरू होंगे, जिनकी पूरे विश्व में काफी मांग है।
प्रधान ने कहा, जल्द ही देश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी, रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, बिग डेटा एनालिटिक्स और 3डी प्रिंटिंग जैसे कोर्स शुरू किए जाएंगे। जिससे युवाओं में नए स्किल्स डेवलेप होंगे। इन कोर्सेज को ध्यान में रख कर आईटीआई ट्रेनर्स और ट्रेनीज के लिए डीजीटी (डायरेक्टर जनरल ऑफ ट्रेनिंग) और नैसकॉम (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर सर्विसेज कंपनीज) के बीच समझौते पर दस्तखत हुए हैं।
4000 नौकरियों के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं
नीति आयोग के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 3डी प्रिंटिंग और ब्लॉकचेन जैसे पांचवी पीढ़ी की टेक्नोलॉजी वाले स्टार्टअप्स को सरकार की तरफ से 3,073 करोड़ दिए जाएंगे। अकेले भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड स्टार्टअप्स की संख्या तकरीबन 200 है।
कैली ओसीजी की रिपोर्ट के मुताबिक टैलेंट न होने की वजह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तकरीबन 4000 नौकरियों के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2018 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मांग में 60 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।
बेरोजगारी के लिए कांग्रेस पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने देश में बेरोजगारी और युवाओं में कौशल की कमी के लिए पिछली कांग्रेस सरकारों को जिम्मेवार ठहराया। उन्होंने कहा कि जो पिछले तीन पीढ़ियों से सत्ता में थे, वे अब पूछ रहे हैं, "मोदी जी नौकरियां कहां हैं"। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिनकी पार्टी सात दशकों से सत्ता में रही है और वे चार साल पुरानी सरकार से पूछ रहे हैं कि नौकरियां कहां है। इसके बाद उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और कम कौशल पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।