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ITI में पढ़ाया जाएगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 4000 नौकरियों के लिए योग्य आवेदक नहीं: धर्मेंद्र प्रधान

Sat, 28 Apr 2018 11:14 AM IST
हरेन्द्र, नई दिल्ली
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artificial intelligence Robot
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जल्द ही देश के आईटीआई में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कोर्स पढ़ाया जाएगा। इसके लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ ट्रेनिंग और नैसकॉम के बीच करार हुआ है। नीति आयोग पहले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय पढ़ाने की पैरवी कर चुका है। 
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कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शुक्रवार को कौशल विकास पर आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय मंत्री राष्ट्रीय सम्मेलन में इस बात का ऐलान किया। उन्होंने राज्य स्तर पर कौशल विकास के लिए मजबूत संस्थागत प्रणाली और संस्थागत ढांचा विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारतीय युवाओं के लिए जल्द ही ऐसे कोर्स शुरू होंगे, जिनकी पूरे विश्व में काफी मांग है। 

प्रधान ने कहा, जल्द ही देश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी, रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, बिग डेटा एनालिटिक्स और 3डी प्रिंटिंग जैसे कोर्स शुरू किए जाएंगे। जिससे युवाओं में नए स्किल्स डेवलेप होंगे। इन कोर्सेज को ध्यान में रख कर आईटीआई ट्रेनर्स और ट्रेनीज के लिए डीजीटी (डायरेक्टर जनरल ऑफ ट्रेनिंग) और नैसकॉम (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर सर्विसेज कंपनीज) के बीच समझौते पर दस्तखत हुए हैं। 
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4000 नौकरियों के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं 

नीति आयोग के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 3डी प्रिंटिंग और ब्लॉकचेन जैसे पांचवी पीढ़ी की टेक्नोलॉजी वाले स्टार्टअप्स को सरकार की तरफ से 3,073 करोड़ दिए जाएंगे। अकेले भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड स्टार्टअप्स की संख्या तकरीबन 200 है। 

कैली ओसीजी की रिपोर्ट के मुताबिक टैलेंट न होने की वजह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तकरीबन 4000 नौकरियों के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2018 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मांग में 60 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। 

बेरोजगारी के लिए कांग्रेस पर साधा निशाना 

केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने देश में बेरोजगारी और युवाओं में कौशल की कमी के लिए पिछली कांग्रेस सरकारों को जिम्मेवार ठहराया। उन्होंने कहा कि जो पिछले तीन पीढ़ियों से सत्ता में थे, वे अब पूछ रहे हैं, "मोदी जी नौकरियां कहां हैं"। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिनकी पार्टी सात दशकों से सत्ता में रही है और वे चार साल पुरानी सरकार से पूछ रहे हैं कि नौकरियां कहां है। इसके बाद उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और कम कौशल पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। 

हर जिले में खुले कौशल विकास केन्द्र 

Artificial intelligence - फोटो : Artificial intelligence
हर ब्लॉक में होगा आईटीआई 

अपने समारोह भाषण में धर्मेन्द्र प्रधाऩ ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि साल 2018 के खत्म होने तक देश के हर ब्लॉक में एक आईटीआई ट्रेनिंग सेंटर खोला जाए, साथ ही स्किल इंस्टिट्यूशन को भी अपग्रेड किया जाए, जो मार्केट के लिहाज से प्रासंगिक हों। 

हर जिले में खुले कौशल विकास केन्द्र 

उन्होंने कहा कि इस साल के आखिर तक सभी 700 जिलों में प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र होंगे, जिनकी संख्या अभी 450 है। 

खुलेंगे 100 इंडिया इंटरनेशनल स्किल सेंटर 

धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि बहुत से लोग नौकरियों की तलाश में विदेश भी जाते हैं, लेकिन विदेशी नियोक्ताओं को सही टेलेंट नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि हमारे देश में केवल 10 फीसदी ही तकनीकी कौशल से दक्ष आबादी है, वहीं अमेरिका में यह 100 फीसदी, जर्मनी में 95 फीसदी, जापान में 90 फीसदी और दक्षिणी कोरिया में 86 फीसदी तक है। उन्होंने बताया कि जल्द ही देश में इंडिया इंटरनेशनल स्किल सेंटर की संख्या 15 से बढ़ा कर 100 की जाएगी। साथ ही विदेश मंत्रालय के सहयोग से जापानी भाषा सिखाने के लिए राज्यों में लैंग्वेज ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट्स खोले जाएंगे। 

वामपंथी उग्रवादियों के समर्पण-सह-पुर्नवास-योजना 

उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के साथ वामपंथी उग्रवादियों के लिए समर्पण-सह-पुनर्वास-योजना शुरू की गई है, जिसमें समर्पण करने वाले उग्रवादी किसी भी संस्थान में प्रवेश ले सकते हैं, साथ ही उन्हें 3 साल तक 6,000 रुपए मासिक भत्ता दिया जाएगा। 
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अप्रेंटिसशिप के लिए ऑनलाइन पोर्टल 

JOB trade apprentice
2000 जॉब मेला 

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री ने धर्मेन्द्र प्रधान ने बताया कि युवाओं को नौकरी देने के लिए 2018 के आखिर तक 2000 जॉब मेला आयोजित किए जाएंगे। जिनमें से कम से कम 3 जॉब मेला हर जिलें में आयोजित होगा।  

अप्रेंटिसशिप के लिए ऑनलाइन पोर्टल 

नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के तहत अप्रेंटिसशिप करने वाले युवाओं के लिए एक नया पोर्टल http://apprenticeshipindia.org/ भी लॉन्च किया गया। इस पोर्टल पर 71,550 कंपनियों और 8 कोर्सेज रर्जिस्टर्ड हैं। आकड़ों के मुताबिक 80 फीसदी अप्रेंटिस आईटीआई पास होते हैं, जिनमें 89 फीसदी अप्रेंटिस इंजीनियरिंग सेक्टर से संबंधित होते हैं।

पूर्वोत्तर राज्यों ने बोला धन की कमी 

कौशल विकास पर राज्य मंत्री स्तरीय राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने आए मणिपुर के शिक्षा, श्रम एवं रोजगार मंत्री टीएच राधेश्याम ने केन्द्र पर पूर्वोत्तर राज्यों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने सभी राज्यों से अपील की कि अपने बजट का कुछ हिस्सा काट कर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए धन की व्यवस्था करवाने में मदद करें। उन्होंने कहा कि पैसे की कमी से हमारे यहां के लोगों को सही ट्रेनिंग नहीं मिल पाती।
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