आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) किस तरह सुशासन में मदद कर सकती है और कैसे इसका इस्तेमाल बेहतर नीतियों को बनाने के लिए किया जा सकता है, ऐसे ही कई मुद्दों पर आज सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम 'एआई पे चर्चा' पर विचार-विमर्श हुआ।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से मंगलवार को 'एआई पे चर्चा' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान यहां सुशासन (गुड गवर्नेंस) के लिए एआई (आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस या कृत्रिम बुद्धिमत्ता) की शक्ति का उपयोग किए जाने के महत्व पर जोर दिया गया।
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कार्यक्रम में विभिन्न पैनलिस्टों ने एआई को लेकर दुनिया के सर्वोत्तम अभ्यासों, डाटा संचालन व एआई सक्षम शासन की अहमियत पर चर्चा की। एआई की संभावनाएं अपनाने से बेहतर नीतियां तैयार करने और आने वाली चुनौतियों का शीघ्र और सटीक अनुमान लगाने में मदद मिल सकती है।
यहां वक्ताओं ने डाटा के सही इस्तेमाल के महत्व और विभिन्न देशों द्वारा नीतियों को तैयार करने के लिए विभिन्न विभागों और प्रक्रियाओं के इस्तेमाल के तरीके पर विचार विमर्श किया। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र, रक्षा, डाक सेवाओं और भविष्य के शहरों के लिए एआई के उपयोग पर चर्चा की गई।
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‘एआई पे चर्चा’, कार्यक्रमों की एक श्रृंखला है। इसे भारत के पहले वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन, सामाजिक अधिकारिता के लिए जिम्मेदार एआई (रेज) के एक भाग के रूप में शुरू किया गया है। इसे साल 2020 में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से आयोजित किया गया था।