गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से दो लोगों और अमरेली जिले के एक व्यक्ति को चरस और एम्फैटेमिन (उत्तेजक दवा) जैसे ड्रग्स बैचने का रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को बचाने के लिए ई-कॉमर्स कंपनी का इस्तेमाल करते थे।
एक अधिकारी ने बताया कि ये गिरोह एक प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी द्वारा इस्तेमाल किए गए बॉक्स में ड्रग्स भेजता था और खुद को पकड़े जाने से बचाने के लिए वीओआईपी और इन्क्रिप्टेड टेक्स्ट मैसेज का इस्तेमाल करता था।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने गुजरात के बाहर से नशीले पदार्थ खरीदे और अब तक सूरत और वडोदरा समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में ड्रग्स की आपूर्ति की है।
एटीएस को हाल ही में पता चला कि अमरेली जिले के रहने वाले कुछ व्यक्ति अहमदाबाद के वस्त्रपुर इलाके में किराए के फ्लैट से नशीले पदार्थों का रैकेट चला रहे थे।
एटीएस के पुलिस उपाधीक्षक हर्ष उपाध्याय ने संवाददातओं को बताया कि उस इनपुट के आधार पर एटीएस की एक टीम ने सोमवार के तड़के वस्त्रपुर इलाके में एक फ्लैट पर छापा मारा और दो लोगों को 8.28 लाख की कीमत के 3.63 किलोग्राम नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा।
आरोपियों से जब्त नशीले पदार्थों में 321.52 ग्राम चरस, 60.53 ग्राम ओपिओइड डेरिवेटिव, 19.85 ग्राम एम्फैटेमिन और 3.23 किलोग्राम गांजा शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमरेली के मोटा लिलिया गांव के रहने वाले सोहिल शिमरन और बासित समा के रूप में हुई है।
अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पूरे रैकेट का आकाश विंझावा चला रहा था जिसके बाद एटीएस की एक टीम अमरेली के राजुला कस्बे में पहुंची और सोमवार की सुबह उसे उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया, ''आकाश और अन्य लोगों ने नशा करने वालों से ऑर्डर लेने के लिए एक ई-कॉमर्स वेबसाइट बनाई थी और एक कूरियर सेवा के माध्यम से या निजी लग्जरी बसों के ड्राइवरों और सफाईकर्मियों के माध्यम से नशीले पदार्थों की आपूर्ति करते थे। वे गुजरात के बाहर से ड्रग्स प्राप्त करते थे। हमें आरोपी से उस सप्लायर का ब्योरा भी मिल गया है।''
अधिकारी ने बताया कि गिरोह अधिकारियों को चकमा देने के लिए ड्रग्स को बॉक्स में भेजता था जिसका इस्तेमाल ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन द्वारा किया जाता है। आरोपी ने खुद के पकड़े जाने से बचने के लिए वीओआईपी और इन्क्रिप्टेड टेक्सट मैसेज का भी इस्तेमाल किया।
अधिकारी ने बताया, ''गिरोह ऑनलाइन मोड या अंगदिया (एक कूरियर सेवा) के जरिए भुगतान स्वीकार करता था। अबतक उन्होंने सौराष्ट्र, सूरत, वडोदरा और मेहसाणा के विभिन्न हिस्सों में ड्रग्स की आपूर्ति की है।"
तीनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग्स एवं साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी ने बताया कि अमरेली के कोवाया गांव का एक और शख्स करण वाघ अभी भी फरार है।