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Agneepath Scheme 2022: केंद्र की एक 'चूक' के डैमेज कंट्रोल के लिए उतरे मोदी के सिपहसालार, अग्निवीरों से मिली 'ऑक्सीजन' के बाद राहुल हुए आक्रामक 

सार

Agneepath Yojana Explained: स्वराज इंडिया से योगेंद्र यादव ने केंद्र की उस 'चूक' की तरफ इशारा किया है। उनका कहना है, युवाओं के जीवन को तबाह कर रहे बेरोजगारी के संकट को दूर करने के लिए ठोस उपाय करने के बजाय, मोदी सरकार ने एक बार फिर बिना किसी विचार-विमर्श के एक लापरवाह योजना को देश पर थोप दिया है।
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अग्निपथ को लेकर बवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार की 'अग्निपथ' योजना को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया है। अधिकांश विपक्षी दल इसके खिलाफ मैदान में डटे हैं। जानकारों का कहना है कि केंद्र सरकार की एक 'चूक' के डैमेज कंट्रोल के लिए प्रधानमंत्री मोदी के तमाम सिपहसालार मैदान में उतरे हैं। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर भाजपाई मुख्यमंत्री, 'अग्निपथ' का बचाव कर रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, जो ईडी दफ्तर में लगातार पेशी दे रहे थे, उन्हें भी अग्निपथ पर मचे बवाल से ऑक्सीजन मिल गई है। अब कांग्रेस के बड़े नेताओं ने 'अग्निवीरों' पर फोकस कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं दूसरे मंत्रियों एवं मुख्यमंत्री लगातार इस मुद्दे पर सरकार का बचाव कर रहे हैं। यहां तक कि तीनों सेनाओं के चीफ भी अपने अपने तरीके से 'अग्निपथ एवं अग्निवीर' को बेहतरीन बताने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, राहुल गांधी व प्रियंका गांधी ने अग्निपथ को लेकर केंद्र और भाजपा पर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। 

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बिना किसी विचार-विमर्श के एक लापरवाह योजना थोप दी गई
स्वराज इंडिया से योगेंद्र यादव ने केंद्र की उस 'चूक' की तरफ इशारा किया है। उनका कहना है, युवाओं के जीवन को तबाह कर रहे बेरोजगारी के संकट को दूर करने के लिए ठोस उपाय करने के बजाय, मोदी सरकार ने एक बार फिर बिना किसी विचार-विमर्श के एक लापरवाह योजना को देश पर थोप दिया है। सरकार को यह योजना तुरंत वापस ले लेनी चाहिए। जब इस सरकार ने कृषि क्षेत्र से जुड़े तीन कानून बनाए तो उससे पहले किसानों की सलाह नहीं ली थी। एकाएक, उन कानूनों को संसद में पास कर किसानों पर थोप दिया गया। बाद में क्या हुआ था और सरकार को कैसे बैकफुट पर आना पड़ा, ये बात सभी जानते हैं। अगर, सरकार ऐसी योजना लाने से पहले युवाओं को भरोसे में ले लेती तो क्या बिगड़ जाता। सैन्य पेंशन बजट और स्थायी कमीशन के आकार को कम करने के उद्देश्य से बनी यह योजना सशस्त्र बलों की दक्षता के साथ समझौता करेगी। बेरोजगारी की समस्या को और बढ़ाएगी। यह अति विशिष्ट भारतीय सशस्त्र बल को कांट्रेक्ट कार्य में बदल देगा। अग्निपथ योजना युवाओं की आकांक्षाओं के साथ धोखा है। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। 

राहुल गांधी बोले, अग्निपथ पर न कोई रैंक, न कोई पेंशन ...  
कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, अग्निपथ को नौजवानों ने नकारा है, कृषि कानून को किसानों ने नकारा है, नोटबंदी को अर्थशास्त्रियों ने नकारा है और जीएसटी को व्यापारियों ने नकारा है। देश की जनता क्या चाहती है, ये बात प्रधानमंत्री नहीं समझते, क्योंकि उन्हें अपने 'मित्रों' की आवाज के अलावा कुछ सुनाई नहीं देता। राहुल ने अपने ट्वीट में लिखा, न कोई रैंक, न कोई पेंशन, न दो साल से कोई सीधी भर्ती, न चार साल के बाद स्थिर भविष्य, न सरकार का सेना के प्रति सम्मान। देश के बेरोजगार युवाओं की आवाज सुनिए, इन्हे 'अग्निपथ' पर चला कर इनके संयम की 'अग्निपरीक्षा' मत लीजिए, प्रधानमंत्री जी। प्रियंका गांधी ने लिखा, 24 घंटे भी नहीं बीते कि भाजपा सरकार को नई आर्मी भर्ती का नियम बदलना पड़ा। मतलब, योजना जल्दबाजी में युवाओं पर थोपी जा रही है। इस स्कीम को तुरंत वापस लीजिए। एयरफोर्स की रुकी भर्तियों में नियुक्ति और रिजल्ट दीजिए। सेना भर्ती को (आयु में छूट देकर) पहले की तरह कीजिए। युवा कह रहे हैं कि ये चार साल का नियम छलावा है। हमारे पूर्व सैनिक भी इससे असहमत हैं। सेना भर्ती से जुड़े संवेदनशील मसले पर न कोई चर्चा, न कोई गंभीर सोच-विचार, बस मनमानी। 
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सेना का ठेकेदारीकरण, देश और युवाओं के लिए विश्वासघात ...  
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अग्निपथ बाबत अपने ट्वीट में लिखा, देश के भावी सैन्य बलों पर बल का दुरुपयोग करके भाजपा सरकार, युवाओं का मनोबल गिरा रही है। 'भारत माता' का उद्घोष झूठे दिखावे का नहीं, सच्ची देशभक्ति का प्रतीक होना चाहिए। सेना का ठेकेदारीकरण देश और सच्चे देश भक्त युवाओं के लिए विश्वासघात के समान है। फौज आउटसोर्स का विषय नहीं है। देश की सुरक्षा कोई अल्पकालिक या अनौपचारिक विषय नहीं है, ये अति गंभीर व दीर्घकालिक नीति की अपेक्षा करती है। सैन्य भर्ती को लेकर जो खानापूर्ति करने वाला लापरवाह रवैया अपनाया जा रहा है, वो देश और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए घातक साबित होगा। बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, सेना में काफी लम्बे समय तक भर्ती लम्बित रखने के बाद अब केन्द्र ने सेना में चार वर्ष अल्पावधि वाली 'अग्निवीर' नई भर्ती योजना घोषित की है। उसे लुभावना व लाभकारी बताने के बावजूद देश का युवा वर्ग असंतुष्ट एवं आक्रोशित है। वे सेना भर्ती व्यवस्था को बदलने का खुलकर विरोध कर रहे हैं। इनका मानना है कि सेना व सरकारी नौकरी में पेंशन लाभ आदि को समाप्त करने के लिए ही सरकार सेना में जवानों की भर्ती की संख्या को कमी के साथ-साथ मात्र चार साल के लिए सीमित कर रही है, जो घोर अनुचित है।

डैमेज कंट्रोल के लिए मोदी के सिपहसालारों ने संभाला मोर्चा ... 
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई 'अग्निपथ योजना' भारत के युवाओं को देश की रक्षा व्यवस्था से जुड़ने और देश सेवा करने का सुनहरा अवसर है। पिछले दो वर्षों से सेना में भर्ती की प्रक्रिया नहीं होने के कारण बहुत से युवाओं को सेना में भर्ती होने का अवसर नहीं मिल सका था। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि सेना में भर्ती की प्रक्रिया कुछ ही दिनों में प्रारम्भ होने जा रही है। वे इसके लिए अपनी तैयारी शुरू करें। सरकार ने अग्निवीरों को भर्ती की आयु सीमा को इस बार 21 वर्ष से बढ़ा कर 23 वर्ष कर दिया है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी यही बात कही है। उन्होंने लिखा, आयु सीमा को 21 से बढ़ाकर 23 वर्ष करने का निर्णय यह साबित करता है कि प्रधानमंत्री मोदी, देश के युवाओं की चिंता से अच्छी तरह अवगत हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, इस निर्णय से बड़ी संख्या में युवा लाभान्वित होंगे। अग्निपथ योजना के माध्यम से वे देशसेवा व अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ेंगे। मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, पीएम मोदी भारत के युवाओं के भविष्य के निर्माण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रयत्नशील हैं।अग्निपथ योजना में अब इस वर्ष 23 वर्ष तक की आयु के युवा आवेदन कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपने संसदीय क्षेत्र में युवाओं से बातचीत की। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा, सेना से वापस आने वाले अग्निवीरों को प्रदेश की भर्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी। यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और अन्य केंद्रीय मंत्री भी 'अग्निपथ' के बचाव में उतरे। 

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