आतंकवाद के तेजी से बदल रहे तरीकों में लोन वुल्फ हमले ने वैश्विक (ग्लोबल) खतरे का शक्ल अख्तियार कर लिया है। फ्रांस के नीस में हुए बर्बर आतंकी वारदात के इस तरीके से दुनिया भर की सुरक्षा एजेसिंयां स्तब्ध है।
भारत की सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यहां आतंकवाद के मौजूदा हालात को देखते हुए लोन वुल्फ हमले की आशंका चरम पर है। आतंकी हमले का यह तरीका इस्लामिक स्टेट (आईएस) की उस थ्यौरी से प्रेरित है जिसमें वेब साईट और मेल के जरिए जहां रहो वहीं से करो जेहादॅ का संदेश दिया जाता है।
मौजूदा दौर में लोन वुल्फ हमले का मतलब है बिना किसी नेतृत्व के अपने धार्मिक, सांप्रदायिक और कट्टर विचारधारा के नाम पर अकेले हथियार लेकर आम लोगों और सुरक्षाबल पर हिंसक हमले करना।
सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक यह पूरी तरह कट्टर विचारधारा से प्रभावित युवकों की करतूत होती है। खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के पूर्व प्रमुख संजीव त्रिपाठी ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि इस मुसीबत को हथियार से नहीं विचारधारा के स्तर पर ही लड़ा जा सकता है।