पार्टी की बेहतरी से जुड़े उपायों पर कांग्रेस नेता सिब्बल ने कहा,'सबसे पहले तो हमें संवाद की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। हमें गठबंधन की जरूरत है और हमें जनता तक पहुंचने की भी आवश्यकता है। हम यह उम्मीद नहीं कर सकते कि जनता हमारे पास आएगी। हम उस तरह की ताकत नहीं रहे, जैसे कि कभी हुआ करते थे। हमें उन लोगों तक पहुंच बनानी होगी, जिन्हें राजनीतिक अनुभव है। लेकिन इस कवायद के लिए सबसे पहले विचार-विमर्श करना जरूरी है।
सतर्क नेतृत्व की जरूरत
सिब्बल ने कहा, 'हमें कई स्तरों पर कई चीजें करनी हैं। संगठन के स्तर पर, मीडिया में पार्टी की राय रखने को लेकर, उन लोगों को आगे लाना-जिन्हें जनता सुनना चाहती है। साथ ही सतर्क नेतृत्व की जरूरत है, जो बेहद एहतियात के साथ अपनी बातों को जनता के सामने रखे।
मानना होगा कांग्रेस कमजोर हुई
बिहार विधानसभा चुनाव के अलावा गुजरात और मध्य प्रदेश के उपचुनाव में कांग्रेस के निराशानजक प्रदर्शन पर सिब्बल ने कहा, 'जिन राज्यों में सत्तापक्ष का विकल्प है, वहां भी जनता ने कांग्रेस के प्रति उस स्तर का विश्वास नहीं जताया, जितना होना चाहिए था। हमें स्वीकार करना होगा कि हम कमजोर हुए हैं।'