महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व नहीं छोड़ने का ऐलान करते हुए राज्य के किले और प्राचीन मंदिरों को विशेष निधि देने की घोषणा की है। लेकिन इस योजना पर महाविकास आघाड़ी सरकार के घटक दल समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने नई मांग कर सरकार को अड़चन में ला दिया है। उन्होंने कहा है कि मंदिरों के संरक्षण निधि की तर्ज पर राज्य के ऐतिहासिक दरगाह और मुस्लिम विरासतों को भी विशेष निधि दी जाए।
महाराष्ट्र सपा अध्यक्ष व विधायक अबू आसिम आजमी ने गुरुवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के किले और ऐतिहासिक मंदिरों को जो विशेष निधि उपलब्ध करने का एलान किया है उसका हम स्वागत करते है। लेकिन हमारी यह मांग है कि महाराष्ट्र में हाजी अली दरगाह, खुलताबाद की दरगाह जैसी कई दरगाह तथा बेबी का मकबरा आदि जो महाराष्ट्र राज्य की संस्कृति का हिस्सा है उसे भी महाराष्ट्र सरकार विशेष निधि दे। आजमी ने कहा कि राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार धर्मनिरपेक्ष विचारधारा वह हमारी मांग पूरा करेगी।
बता दें कि राज्य विधान मंडल के दो दिवसीय विशेष शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में शिवसेना को हिंदुत्व की प्रखर पैरोकार के रुप में पेश करते हुए प्राचीन मंदिरों के संरक्षण के लिए विशेष फंड बनाने की घोषणा की थी। ठाकरे ने भाजपा पर प्रत्यक्ष हमला बोलते हुए कहा था, सरकार विपक्ष को जरूर बताना चाहेगी कि उसने हिंदुत्व का एजेंडा नहीं छोड़ा है।
इससे पहले कोरोना काल में मंदिरों को खोलने से लेकर कई मुद्दों तक शिवसेना और भाजपा में हिंदुत्व को लेकर रार हो चुकी है। इस सियासी घमासान में राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी भी शामिल हो चुके हैं। उद्धव ने हिंदुत्व के मुद्दे पर राज्यपाल को भी जवाब दिया था।