गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि लोबो और कामत के खिलाफ 'अयोग्यता' याचिकाएं दायर की गई हैं, विपक्ष के नेता के रूप में लोबो को हटाने के पार्टी के फैसले के बारे में स्पीकर को विधानसभा में सूचित किया गया है।
महाराष्ट्र के बाद अब पड़ोसी राज्य गोवा में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने सोमवार को गोवा विधानसभा के स्पीकर रमेश तावड़कर से अपने विधायकों माइकल लोबो और दिगंबर कामत को अयोग्य ठहराने की मांग की है। कांग्रेस ने दोनों विधायकों पर विपक्षी दल में फूट लाने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के साथ सांठगांठ करने का आरोप लगाया है।
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गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित पाटकर ने कहा कि लोबो और कामत के खिलाफ 'अयोग्यता' याचिकाएं दायर की गई हैं, विपक्ष के नेता के रूप में लोबो को हटाने के पार्टी के फैसले के बारे में स्पीकर को विधानसभा में सूचित किया गया है।
'पार्टी विरोधी गतिविधि पार्टी सदस्यता छोड़ने के बराबर'
पाटकर ने दावा किया कि "दोनों विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं दायर की गई हैं क्योंकि उन्होंने स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है। सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला है जिसमें कहा गया है कि कोई भी पार्टी विरोधी गतिविधि पार्टी की सदस्यता छोड़ने के बराबर है।"
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल को विभाजित करने का भाजपा का कदम विफल हो गया क्योंकि वह दलबदल विरोधी कानून के प्रावधानों को आकर्षित किए बिना ऐसा करने के लिए आवश्यक विधायकों की आवश्यक संख्या नहीं जुटा सका।
'महाराष्ट्र में जो किया उसे दोहराना चाहती है भाजपा'
पाटकर ने कहा, "भाजपा ने महाराष्ट्र में पैसे और बाहुबल के जरिए जो किया है उसे दोहराना चाहती है। हमने रविवार को सुनिश्चित किया कि हमारी पार्टी में दलबदल रुक जाए।"