दिल्ली की एक अदालत ने कॉरपोरेट लॉबिस्ट दीपक तलवार की एक करीबी सहयोगी यास्मीन कपूर सहित चार लोगों को विदेशी चंदा नियमन कानून (एफसीआरए) के कथित उल्लंघन मामले में एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
यह मामला ‘एडवांटेज इंडिया’ नाम के गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) को विदेशी चंदा के जरिए मिले 90 करोड़ रूपये के कथित गबन से जुड़ा है। यह एनजीओ तलवार का है।
मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट नवीन कुमार कश्यप ने यास्मीन, तरूण कपूर, प्रदीप सूद और जतिन वढेरा को जेल भेज दिया, जबकि उनकी गिरफ्तारी की प्रकिया पर सीबीआई से शुक्रवार तक स्पष्टीकरण मांगा।
सीबीआई द्वारा चारों आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में दिए जाने के अनुरोध पर अदालत ने यह आदेश दिया। अदालत शुक्रवार को इस बारे में फैसला करेगी कि चारों लोगों को सीबीआई हिरासत में भेजा जाए या नहीं।
सीबीआई के मुताबिक यास्मीन ने एडवांटेज इंडिया को मिले चंदा को दूसरे मद में इस्तेमाल करने में सक्रिय भूमिका निभाई थी और वह तलवार से संबद्ध कंपनियों की रोजमर्रा के कामकाज को देखती थी।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई को संदेह है कि तलवार के एनजीओ एडवांटेज इंडिया को मिले धन को इधर-उधर करने में कपूर की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि तलवार से जुड़ी कंपनियों की रोजमर्रा के कामों की जिम्मेदारी कपूर की थी।
सीबीआई ने तलवार को जुलाई में गिरफ्तार किया था, तभी से वह न्यायिक हिरासत में है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद तलवार को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित करके लाया गया। यह मामला सीएसआर योजना के तहत भारत में शिक्षण और सामाजिक कल्याण कार्यों के लिए मिले विदेशी धन के दुरुपयोग का है।