कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के नए मामलों को रोकने और सक्रिय मामलों की पहचान प्रक्रिया बेहतर करने के लिए राष्ट्रीय रणनीति के हिस्से के तौर पर एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने यूनिसेफ के साथ भागीदारी में भारत सरकार का सहयोग किया है। यूनिसेफ की कम्युनिकेशन अधिकारी (मीडिया) सोनिया सरकार के अनुसार इसके तहत साल 2021 में भारत देश के मुख्य प्रवेश बिंदुओं पर यात्रियों की सामूहिक स्क्रीनिंग के लिए थर्मल स्कैनर लगाए थे।
मार्च 2022 में अधिकांश कोरोना प्रतिबंध हटा लिए गए थे और अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाओं की भी फिर से शुरुआत हो गई थी। हालांकि, कोविड-19 वायरस ने तेजी से म्यूटेट होने की क्षमता प्रदर्शित की है और इसके नए वैरिएंट, सब-वैरिएंट लगातार सामने आ रहे हैं। यह सतत निवारक और नियंत्रण मानकों की मांग करते हैं, जिनमें प्रवेश बिंदुओं पर थर्मल स्क्रीनिंग का उपाय भी है।
यात्रियों के शरीर के बाहरी तापमान का पता लगा सकने वाले बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर लगाए गए थर्मल स्कैनर्स ऐसे यात्रियों की पहचान कर सकते हैं जो कोविड-19 संक्रमित हो सकते हैं। सामान्य तौर पर हाथ से इस्तेमाल होने वाली थर्मल डिवाइस की तुलना में ऑटोमेटेड थर्मल स्कैनर समय बचाते हैं और जांच के समय भीड़ जमा होने जैसी स्थिति को उत्पन्न होने से रोकते हैं।
26 एयरपोर्ट और नौ पोर्ट पर लगे 61 थर्मल स्कैनर
एडीबी के सहयोग के साथ यूनिसेफ ने भारत के 26 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और नौ बंदरगाहों पर 61 थर्मल स्कैनर लगाए हैं। एक और स्कैनर लखनऊ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगाया जाएगा। भारत में एडीबी की निदेशक ताकेओ कोनिशी ने कहा कि वैश्विक महामारी की शुरुआत से ही भारत ने जांच, क्लिनिकल केयर और ट्रीटमेंट आधारित विस्तृत प्रतिक्रिया अपनाई है।
जनवरी 2021 में एडीबी ने भारत सरकार के साथ एक समझौता किया था। इसके तहत बैंक ने कोविड के खिलाफ लड़ाई में सरकार के प्रयासों को सहयोग देने के लिए 30 लाख डॉलर की मदद देने का एलान किया था। इसके बाद स्कैनर्स की खरीद व इंस्टॉलेशन और अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए यूनिसेफ के साथ हाथ मिलाया था। इस पहल ने देश की खासी मदद की है।
यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधि यासुमासा किमुरा ने कहा कि इन थर्मल स्कैनरों ने कोविड-19 के खिलाफ सरकार के नियंत्रण मानकों को मजबूत किया है। प्रवेश बिंदुओं पर अधिक खतरे वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग होने से कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में भी मदद मिली है। बता दें कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए थर्मल स्कैनिंग के साथ-साथ भारत रैंडम तरीके से देश में आने वाले दो फीसदी विदेशी यात्रियों की कोविड-19 जांच भी कर रहा है।