एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के प्रमुख मासत्सुगु असकावा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने तेज, समावेशी और हरित विकास की भारत की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए अगले पांच वर्षों में 20-25 अरब डॉलर के संसाधन मुहैया कराने के एडीबी के इरादे से अवगत कराया।
मनीला स्थित बहुपक्षीय ऋणदाता एजेंसी ने एक बयान में कहा कि उसके प्रमुख ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठक में भारत के बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास, जलवायु कार्यों के लिए एडीबी के समर्थन सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।
एडीबी अब एक व्यापक हितधारक परामर्श प्रक्रिया के बाद भारत के लिए नई पांच साल की साझेदारी रणनीति (सीपीएस) को अंतिम रूप दे रहा है। असकावा ने कहा, "एडीबी, भारत की प्रमुख प्राथमिकताओं के लिए बहुमुखी समर्थन प्रदान करेगा, जिसमें पीएम की गति शक्ति पहल के तहत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना, भविष्य के शहरों का निर्माण, घरेलू संसाधनों को जुटाना और वंचित जिलों में बुनियादी सेवाओं को मजबूत करना शामिल है।"
उन्होंने भारत के जी-20 की अध्यक्षता संभालने पर मोदी को बधाई दी और जी-20 एजेंडे के लिए एडीबी के समर्थन की फिर से पुष्टि की। एक बयान में कहा गया, G20 बैठकों और नेताओं के शिखर सम्मेलन में एक अतिथि अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में एडीबी फाइनेंस और शेरपा ट्रैक में भारत की अध्यक्षता की प्राथमिकताओं का समर्थन कर रहा है।
एडीबी ने 1986 में भारत में परिचालन शुरू किया था। दिसंबर 2022 के अंत में उसने देश में 52.28 अरब डॉलर और गैर-संप्रभु ऋण एवं निवेश (नॉनसॉवरेन लेंडिंग एंड इन्वेस्टमेंट) में 6.75 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता जताई थी। एडीबी के वर्तमान भारतीय पोर्टफोलियो में परिवहन, शहरी, ऊर्जा, मानव विकास, कृषि और प्राकृतिक संसाधन और वित्त क्षेत्रों में लगभग 16 बिलियन डॉलर की 64 परियोजनाएं शामिल हैं।
असकावा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की। वित्त मंत्रालय ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि सीतारमण ने India@100 की नींव रखने पर जोर दिया। इसके आलोक में दोनों नेताओं ने भारत-एडीबी देश साझेदारी रणनीति 2023-2027 पर भी चर्चा की, जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।