तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने बुधवार (08 अक्तूबर ) को राज्य पुलिस से पार्टी अध्यक्ष विजय को करूर जाकर 27 सितंबर को अपनी रैली के दौरान भगदड़ में मारे गए 41 लोगों के परिवारों से मिलने की अनुमति मांगी है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी. वेंकटरमन को आवेदन सौंपने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी के प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने टीवीके प्रमुख विजय के लिए सुरक्षा की भी मांग की है।
अभिनेता व टीवीके नेता विजय की ओर से डीजीपी ऑफिस में एक आवेदन दिया गया है, जिसमें करूर भगदड़ के पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा जातते हुए अनुमति की मांग गई है।
याद रहे कि करूर में हुई भगदड़ ने राज्य सहित पूरे देश में हलचल मचा दी थी। इतना ही नहीं डीएमके के मंत्री सहित खुद मुख्यमंत्री स्टालिन उसी दिन पीड़ितों से मिलने और शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए करूर पहुंचे थे। इसी के साथ अन्य दलों के नेताओं ने भी घायल और पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। हालांकि, घटना के वक्त उसी रात विजय चेन्नई लौट आए और कुछ दिनों बाद उन्होंने इस घटना के बारे में एक वीडियो जारी किया था।
दरअसल, करूर में रैली करने वाले अभिनेता से राजनेता बने विजय को भगदड़ से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से ना मिलने के लिए कुछ वर्गों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि भगदड़ के 10 दिन बाद यानी 6 अक्टूबर को विजय ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित परिवारों से संपर्क किया और उन्हें पूरी तरह से मदद का आश्वासन दिया था।
इससे पहले टीवीके की एक पांच सदस्यीय टीम शोक संतप्त परिवारों के घर गई थी और उनकी विजय से बात करवाई थी। यह पूरा घटनाक्रम मद्रास उच्च न्यायालय की ओर से विजय और उनकी पार्टी की आलोचना के बाद हुआ। हाई कोर्ट ने भगदड़ की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने का आदेश दिया है।
निष्पक्ष जांच के सुप्रीम कोर्ट पहुंची टीवीके
इधर, तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) पार्टी ने करूर में हुई भगदड़ की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस भगदड़ में 41 लोगों की जान गई थी, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। अब इस पूरे मामले पर विजय की पार्टी ने याचिका दायर करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग की है।