अगर समय पर नहीं चेते तो नदियों और पर्यावरण का काफी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर (बांध) की ऊंचाई भले ही बढ़ गई हो, लेकिन इससे (नदी के) जल स्तर में गिरावट आई है।
सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने रविवार को दावा किया कि गुजरात में बना सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने के बाद नर्मदा नदी का जलस्तर गिर गया है जिससे नदी नष्ट हो रही है और मछुआरों पर भी काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
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नर्मदा बचाओ आंदोलन में सबसे आगे रहीं मेधा पाटकर आरोप लगाया कि सरदार सरोवर परियोजना ने गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित मेगा बांध के नीचे रहने वाले मछुआरों की रोजी रोटी पर संकट आन पड़ा है।
पाटकर ने अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजना पर युवाओं से सरकार के खिलाफ संघर्ष करने का आह्वान किया है। उनका मानना है नहीं अगर समय पर नहीं चेते तो नदियों और पर्यावरण का काफी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर (बांध) की ऊंचाई भले ही बढ़ गई हो, लेकिन इससे (नदी के) जल स्तर में गिरावट आई है। नर्मदा नदी नष्ट हो गई है।
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उन्होंने कहा कि विकास कार्यों जैसे अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए उचित पर्यावरणीय अनुमति प्राप्त किए बिना ही शुरू किया जा रहा है। नर्मदा नदी गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र राज्यों से होकर बहती है। नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण (एनसीए) ने 2014 में मेगा बांध की ऊंचाई 121.92 मीटर से बढ़ाकर 138.68 मीटर करने की अनुमति दी थी। इसके बाद से ही कुछ सामाजिक कार्यकर्ता इसके विरोध में आवाज उठा रहे हैं।