भारत में गरीबी लगातार घटती जा रही है लेकिन अगर 2030 तक गरीबी पूरी तरह समाप्त करनी है तो इसके लिए भारत को 7 से 8 फीसदी की दर से विकास करना होगा। सरकार को लोगों के कल्याण के लिए काम करते रहना होगा। भारत के गरीबी के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए वर्ल्ड बैंक बताता है कि 2004-2011 के बीच भारत में गरीबी की कुल आबादी 38.9 फीसदी से कम होकर 21.2 फीसदी पर आ गई। यानि अगर भारत का पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड देखा जाए तो भारत काफी तेजी से प्रगती कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के इस लक्ष्य में जहां उसे सफलता दिखती नजर आ रही है, वहीं दूसरी तरफ उसके लिए एक निराशा भी उत्पन्न हो गई है। दुनिया से गरीबी हटाने का उसका लक्ष्य तभी पूरा होगा जब इस दिशा में हर देश अपना योगदान दे। यानि दुनिया के हर देश में भी उतनी ही तेजी से गरीबी का स्तर कम होना चाहिए जितनी तेजी से भारत और चीन में हो रहा है।
इस दिशा में संघ को अफ्रीका की ओर से निराशा झेलनी पड़ रही है। अध्ययन से पता चलता है कि दुनिया के अत्यंत गरीब लोगों की दो तिहाई आबादी अफ्रीका में ही रहती है। अगर वहां ऐसी ही स्थिति बनी रही तो साल 2030 तक वहां हर 10 लोगों में 9 गरीब मिलेंगे।
साथ ही रिपोर्ट में दी गई जानकारी से पता चलता है कि दुनिया के जिन 18 देशों में गरीबी लगातार बढ़ती जा रही है उसमें से 14 देश अफ्रीका के ही हैं। यहां 1 सितंबर 2017 तक कुल 64 करोड़ 70 लाख लोग भीषण गरीबी के चपेट में आ चुके थे। अब भारत को इस दिशा में पूरी तरह सफल होने के लिए कल्याणकारी योजनाओं सहित देश के आर्थिक विकास को और भी बढ़ाना होगा।