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अभिनंदन : हमले के भय से दो दिन में पस्त हो गए थे पाक के हौसले

Thu, 29 Oct 2020 12:35 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Wing Commander Abhinandan Varthaman MIG-21 - फोटो : Social Media
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भारत के जांबाज सैन्य अफसर अभिनंदन वर्धमान को लेकर पाकिस्तानी सांसद अयाज सादिक के ताजा खुलासे से साफ हो गया है कि पड़ोसी देश ने भारतीय विंग कमांडर को पकड़ भले लिया था, लेकिन भारत के कड़े तेवर व हमले के भय से उसके हौसले दो दिन में ही पस्त हो गए थे। 

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सादिक ने बुधवार को पाक संसद में खुलासा किया कि इमरान खान सरकार ने फरवरी 2019 में भारतीय पायलट अभिनंदन को इसलिए रिहा कर दिया था क्योंकि उन्हें डर था कि भारत हमला कर देगा। सादिक ने बताया कि विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी ने उस दौरान हुई उच्च स्तरीय बैठक में बताया कि अगर वर्धमान को नहीं छोड़ा गया तो भारत हमला कर देगा। इस बैठक में इमरान खान ने आने से इनकार कर दिया था। अयाज ने बताया कि उस बैठक में कुरैशी के पैर कांप रहे थे, वे सभी को यह कहकर डरा रहे थे कि अगर अभिनंदन को नहीं छोड़ा तो भारत रात नौ बजे हमला कर देगा। जबकि वास्तव में ऐसा कुछ होने वाला नहीं था।

बैठक में शामिल नहीं हुए इमरान

दो दिन कब्जे में रहे थे अभिनंदन
27 फरवरी 2019 को सुबह 10 बजे के करीब भारतीय वायु सेना की रडार ने पाकिस्तानी विमानों को जम्मू-कश्मीर से सटे भारतीय क्षेत्र की तरफ आते देखा। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों मिग 21 बाइसन, सुखोई-30 एमकेआई और मिराज-2000 को उन्हें घेरने की जिम्मेदारी दी गई।
अभियान के दौरान भारतीय वायु सेना का एक मिग-21 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उसे उड़ा रहे विंग कमांडर अभिनंदन सुरक्षित बाहर कूद गए, लेकिन उनका पैराशूट पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चला गया। 
 

बैठक में कांप रहे थे कुरैशी के पैर

रहमान पहुंचा था पानी का जग लेकर
जिस जगह पर अभिनंदन का विमान क्रैश हुआ था, वह इलाका पाकिस्तानी सीमा से चार किमी की दूरी पर था। आस-पास रहने वाले गांव के लोगों को यह पता चल गया था कि कोई फौजी पैराशूट लेकर आसपास गिरा है। तभी अब्दुल रहमान ने (गांव का एक निवासी) एक जग भर कर पानी लिया और उस तरफ भागा, जिधर पैराशूट नीचे आता दिखा था।

अब्दुल रहमान ने बताया कि उसने अभिनंदन को वहां देखा और अभिनंदन ने मुझे देखते ही पिस्तौल बाहर निकाल ली और पूछा कि ये हिंदुस्तान है या पाकिस्तान? मैंने कहा पाकिस्तान, तो उसने पूछा कि पाकिस्तान में कौन-सी जगह, तो मैंने यूं ही कह दिया किला है। इसके बाद वहां और गांव के लोग इकट्ठा होने लगे। अभिनंदन ने जैसे लोगों को आते देखा तो उसने अपनी जेब से एक कागज निकाला और उसे निगल लिया। अभिनंदन ने एक और कागज निकाला लेकिन बड़ा होने के कारण उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में फाड़ दिया और पहाड़ी की ओर भागने लगा।

दो दिन कब्जे में रहे थे अभिनंदन

कुछ ग्रामीणों ने फेंके पत्थर
इसके बाद कुछ गांव वालों ने उनके ऊपर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, अभिनंदन एक बरसाती नाले में गिर गए और पानी पीने लगे। तभी वहां पाकिस्तानी फौज आ गई और अभिनंदन को पकड़ लिया गया।
 
इमरान ने संसद में की थी घोषणा
अपने जांबाज सैन्य अफसर की सुरक्षित रिहाई के लिए भारत के चौतरफा दबाव और हमले की तैयारी से पस्त हुए पाक पीएम इमरान खान ने अगले दिन पाक संसद में एलान किया कि शुक्रवार को अभिनंदन को भारत को सौंप दिया जाएगा।

सीमा पर गांव के लोगों से बचकर भागे अभिनंदन

सीना तान कर लौटे थे
पाकिस्तान ने ससम्मान अभिनंदन की रिहाई हुई। उन्हीं कड़ी सुरक्षा के बीच पाक सैन्य अफसर वाघा सीमा चौकी तक छोड़ने आए थे। यहां भारतीय अफसरों ने उनकी अगवानी की। उस वक्त वाघा-अटारी सीमा से अभिनंदन को सीना तानकर आते हुए जिन लोगों ने देखा था वे भाव-विभोर हो गए थे। वह कभी न भूलने वाले मंजरों में से एक था। 
 

अटारी बॉर्डर पर जुटे थे लोग

विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी की वजह से बीएसएफ ने शाम को होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह को भी रद्द कर दिया था, लेकिन इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद थे। कई लोगों ने भारत का राष्ट्रीय झंडा थामा हुआ था। कई लोग ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचे थे और लगातार नारे बाजी कर रहे थे।

अटारी सीमा पर मौजूद रहे अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने बताया कि जब विंग कमांडर अभिनंदन भारतीय सीमा में दाखिल हुए तो 'उनकी आंखों में वो खुशी थी, अपने वतन वापस होने की, वो बयान नहीं की जा सकती। 

विंग कमांडर अभिनंदन ने कहा अपने देश आकर बहुत अच्छा लग रहा है। भारतीय वायु सेना के एयर वाइस मार्शल आरजीके कपूर भी वाघा-अटारी सीमा पर मौजूद थे।

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पाकिस्तान ने जारी किया था वीडियो

उधर, पाकिस्तान में विंग कमांडर अभिनंदन को विमान के जरिए इस्लामाबाद से लाहौर ले जाया गया। उन्हें वाघा-अटारी सीमा पर लाए जाने के पहले पाकिस्तान की ओर से एक वीडियो जारी किया गया। इस वीडियो में विंग कमांडर अभिनंदन को कहते दिखाया गया है, 'पाकिस्तानी सेना प्रोफेशनल सर्विस है। जिसने उन्हें लोगों से बचाया। प्राथमिक उपचार दिया और अस्पताल में जांच कराई।

रात नौ बजे के करीब पाकिस्तानी सेना की गाड़ियों का काफिला भारतीय विंग कमांडर को लेकर वाघा-अटारी सीमा पर पहुंचा। विंग कमांडर अभिनंदन के साथ पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की अधिकारी फारेहा बुट्टी भी आईं थीं। उन्होंने विंग कमांडर अभिनंदन को भारतीय अधिकारियों के सुपुर्द किया।

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