आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि राजनीति पूरी तरह से अलग चीज है। हर मुद्दे को राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। लेकिन आज जब देश का किसान परेशान है और उसका भविष्य, उसकी आजीविका संकट में है, आम आदमी पार्टी चुप नहीं रह सकती। उन्होंने संसद में भी इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि महापंचायत के दौरान भी किसानों के हक की आवाज उठाई जाएगी। केंद्र सरकार को यह समझना पड़ेगा कि कोई भी कानून देश की जनता पर थोपा नहीं जा सकता।
आसान नहीं होगी पार्टी की यह राह...
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत आसान नहीं है। किसानों, जाटों, मुसलमानों और दलित समुदाय की बहुसंख्यक आबादी वाले इस क्षेत्र पर पहले कांग्रेस की पकड़ हुआ करती थी, जो बदले समय में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास चली गई। 2013 में हुए सांप्रदायिक विवाद के कारण 2014, 2017 और 2019 के चुनावों में भाजपा को इस क्षेत्र में एक तरफा लाभ मिला। लेकिन अब किसान आंदोलन में यह ध्रुवीकरण बिखरता दिख रहा है। नए समीकरणों का लाभ लेने के लिए कांग्रेस, सपा, बसपा और आरएलडी जैसे मजबूत दावेदार हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी के लिए यहां की राह आसान रहने वाली नहीं है।