भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा अक्टूबर 2020 में अडानी मंगलूरू इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को 50 साल के हवाईअड्डे के संचालन, प्रबंधन और विकास के लिए सौंप दिया गया था। इसके तुरंत बाद हवाई अड्डे पर बोर्ड बदल दिए गए थे।
महीनों चले विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार मंगलूरू इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से ‘अडानी एयरपोर्ट’ का टैग हटा लिया गया है। इस एयरपोर्ट का नियंत्रण अडानी समूह के पास जाने से पहले जो नाम वाला बोर्ड था, उसे वापस लगा दिया गया है। यानी हवाईअड्डे पर प्रवेश करते समय बोर्ड पर अब फिर से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) का लोगो लगा दिया गया है।
विज्ञापन
इस मुद्दे को उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता दिलराज अल्वा ने शनिवार को बताया कि अडानी समूह ने एयरपोर्ट के कामकाज की जिम्मेदारी संभालने के बाद इसके नाम में ‘अडानी एयरपोर्ट’ शब्द जोड़ दिया था। दरअसल, एएआई द्वारा अक्टूबर 2020 में अडानी मंगलूरू इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को 50 साल के हवाईअड्डे के संचालन, प्रबंधन और विकास के लिए सौंप दिया गया था। इसके तुरंत बाद हवाई अड्डे पर बोर्ड बदल दिए गए थे।
हालांकि, सूचना के अधिकार क़ानून के तहत जब जानकारी मांगी गई तो ये पता चला कि एयरपोर्ट के संचालन और रखरखाव के कॉन्ट्रैक्ट में नाम बदलने को लेकर किसी तरह का कोई प्रावधान नहीं था। इसके बाद भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण और मंगलूरू इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निदेशक को इस सिलसिले में कानूनी नोटिस देकर एयरपोर्ट के नाम में ‘अडानी’ टैग जोड़ने को लेकर सवाल पूछा गया था।
विज्ञापन
इसका नतीजा यह निकला कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के नाम को पहले की तरह कर दिया गया। दिलराज अल्वा ने बताया कि उन्होंने मंगलूरू एयरपोर्ट के फेसबुक और ट्विटर दोनों ही जगहों पर बदलाव किए हैं।