राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा आयोजित दो दिवसीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन शुक्रवार को समाप्त हुआ। जिसमें उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, असम, गुजरात, आंध्र प्रदेश, दिल्ली पुलिस, पंजाब समेत कई राज्यों के अधिकारियों ने सम्मेलन में भाग लिया।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा आयोजित दो दिवसीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन शुक्रवार को एनआईए और सभी राज्यों की आतंकवादरोधी दस्तों और सीटी इकाइयों के एकजुट और समन्वित प्रयास के साथ समाप्त हुआ। एनआईए ने कहा कि देश में आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करने के लिए केंद्र और राज्य की खुफिया, सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियां, आतंक के तंत्र को खत्म करने और आतंकी फंडिंग को रोकने पर ध्यान केंद्रित करेंगी।
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'टेरर फंडिंग-ट्रेंड्स एण्ड काउंटर मेजर्स' विषय पर सत्र में एनआईए ने कहा एफआईयू-इंडिया और ईडी सहित राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिभागियों ने मामलों की जांच में सामने आए आतंकी वित्तपोषण के हालिया रुझानों पर चर्चा की। अधिकारियों ने फंडिंग पैटर्न के विश्लेषण के लिए फिन-टेक समाधानों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।
उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, असम, गुजरात, आंध्र प्रदेश, दिल्ली पुलिस, पंजाब, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल सहित लगभग 15 राज्यों के अधिकारियों ने सम्मेलन में प्रतिभाग किया।
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सम्मेलन में आयोजित पांच विषयगत सत्र आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पुलिस और कानून प्रवर्तन प्रतिक्रिया को समन्वित करने पर केंद्रित थे। आतंक जांच,आतंकी तंत्र को खत्म करने पर चर्चाएं आयोजित की गई।