ईरान-इस्राइल के बीच संघर्षविराम भले ही हो गया हो, भारत वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु लगातार जारी रखे हुए है। इसी क्रम में ऑर्मेनिया के येरेवन से देर रात एक विशेष निकासी विमान नई दिल्ली पहुंचा। इस विमान में ईरान से 173 भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया गया। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंधु के तहत, अब तक तीन भारतीय वायुसेना के विमानों सहित 19 विशेष निकासी उड़ानों का उपयोग करके कुल 4415 भारतीय नागरिकों (ईरान से 3597 और इजरायल से 818) को निकाला गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'ऑपरेशन सिंधु के तहत येरेवन (आर्मेनिया) से एक विशेष विमान 26 जून को रात 10:30 बजे दिल्ली पहुंचा। इसमें ईरान से 173 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया गया। अब तक इस ऑपरेशन के जरिए कुल 4415 भारतीयों को निकाला गया है। इनमें से 3597 लोग ईरान से और 818 लोग इस्राइल से लाए गए हैं। इसके लिए 19 विशेष उड़ानों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें 3 भारतीय वायुसेना (IAF) के विमान भी शामिल थे। इसके अलावा ईरान से कुछ अन्य लोगों को भी निकाला गया है। इनमें 14 ओसीआई कार्डधारक, 9 नेपाली नागरिक, 4 श्रीलंकाई नागरिक और एक भारतीय नागरिक की ईरानी पत्नी शामिल हैं।
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18 जून को शुरू किया गया था ऑपरेशन सिंधु
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ऑपरेशन सिंधु 18 जून को शुरू किया गया था। ईरान में लगभग 10,000 और इस्राइल में लगभग 40,000 भारतीय रहते हैं। उन्होंने ईरान, तुर्कमेनिस्तान और आर्मेनिया की सरकारों को भी धन्यवाद दिया कि उन्होंने भारत को अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद की।
इस दौरान ईरान से निकाली गई एक भारतीय छात्रा ने पीएम मोदी और विदेश मंत्रालय का धन्यवाद किया। उसने कहा कि हमें बहुत अच्छी सुविधाएं मिली और मैं सभी छात्रों की ओर से हमारे प्रधानमंत्री, विदेश मंत्रालय को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है। वहीं एक अन्य छात्रा ने कहा कि सरकार ने हर पहलू में हमारी मदद की। वह जो कुछ भी वहां कर सकते थे, किया।
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संघर्ष विराम को देखते हुए भारतीय दूतवास ने संपर्क डेस्क किया बंद
इससे पहले ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को बताया था कि दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम को देखते हुए भारतीय नागिरकों को भारत लाने की प्रक्रिया धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी। दूतावास ने सोशल मीडिया एक्स पर इससे संबंधित पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि दूतवास ने संपर्क डेस्क बंद कर दिया है, जो निकासी के लिए नए नामों को पंजीकृत करने के लिए खोला गया था। साथ ही, भारत सरकार उभरती स्थिति पर निरंतर नजर रख रही है और ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए फिर से खतरा होने की स्थिति में अपनी रणनीति का पुनर्मूल्यांकन करेगी।
तनाव के बीच भारत सरकार का अभियान
बता दें कि भारत ने यह ऑपरेशन तब शुरू किया जब ईरान और इस्राइल के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों में लगातार बढ़ोतरी होने लगी। भारतीय नागरिकों को मशहद (ईरान), येरेवन (आर्मेनिया) और अशगबत (तुर्कमेनिस्तान) जैसे शहरों से विशेष चार्टर्ड फ्लाइट्स के जरिए भारत लाया जा रहा है। इसके साथ ही बढ़ते तनाव के बीच बीते शुक्रवार को ईरान ने विशेष रूप से भारत के लिए अपने हवाई क्षेत्र से तीन चार्टर्ड फ्लाइट्स को उड़ान भरने की अनुमति दी थी। जिसके बाद भारत सरकार ने बचाव के लिए ऑपरेशन सिंधु चलाया।
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