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Karnataka: करवार बंदरगाह पर पाकिस्तानी नागरिक को भारत में नहीं मिला प्रवेश, जहाज वापस इराक हुआ रवाना

Fri, 16 May 2025 12:23 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

इराक के रास्ते भारत आ रहे एक पाकिस्तानी नागरिक को देश में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक के करवार बंदरगाह एक जहाज में सवार पाकिस्तानी नागरिक को उतरने नहीं दिया गया और वापस जहाज के साथ भेज दिया गया।
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पाकिस्तानी नागरिक को भारत में नहीं मिला प्रवेश - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक के करवार बंदरगाह पर एक पाकिस्तानी नागरिक को भारत में प्रवेश करने से रोक दिया गया। यह जानकारी भारतीय तटरक्षक बल (इंडियन कोस्ट गार्ड - आईसीजी) और तटीय सुरक्षा पुलिस (कोस्टल सिक्योरिटीप पुलिस - सीएसपी) ने दी है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना 12 मई की है, जब एक मालवाहक जहाज एमटी आर महासागर करवार बंदरगाह पर पहुंचा। यह जहाज इराक से बिटुमिन (सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ) लेकर भारत आया था। जहाज पर कुल 17 लोग सवार थे- जिनमें से 14 भारतीय, दो सीरियाई और एक पाकिस्तानी नागरिक था। इस जहाज के कप्तान भी एक भारतीय थे।
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तटीय सुरक्षा पुलिस ने पाकिस्तानी नागरिक को उतरने से रोका
तटीय सुरक्षा पुलिस के निरीक्षक निशांत कुमार ने बंदरगाह अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पाकिस्तानी और सीरियाई नागरिकों को जहाज से उतरने की अनुमति नहीं दी जाए। इसके पीछे कारण बताया गया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध फिलहाल बहुत खराब चल रहे हैं, और सुरक्षा के लिहाज से यह फैसला लिया गया। पुलिस के निर्देशों के अनुसार, जहाज के कप्तान ने पाकिस्तानी और सीरियाई नागरिकों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए, ताकि वे बाहर किसी से संपर्क न कर सकें।
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वापस इराक के लिए रवाना किया गया जहाज
बंदरगाह पर बिटुमिन की खेप उतारने के बाद, यह इराकी जहाज वापस इराक के लिए रवाना हो गया। करवार बंदरगाह के अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया। यह कदम भारत की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उठाया गया है, खासकर ऐसे समय में जब पड़ोसी देशों के साथ तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नागरिकों के साथ नियमों के तहत व्यवहार किया गया, और किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए सतर्कता बरती गई।

पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिए। इससे घबराए पाकिस्तान ने भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू कर लिया। हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तान की तरफ से इसका उल्लंघन किया गया, जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया।



 
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