नहीं थम रहीं मॉब लिंचिंग की घटनाएं
इससे पहले भी झारखंड में मॉब लिंचिंग की कई घटनाए सामने आ चुकी हैं। इसी साल जनवरी में सिमडेगा जिले में लोगों ने लकड़ी चोरी के शक में एक युवक को जिंदा जला दिया था। वहीं, सिमडेगा के एक गांव में भीड़ ने एक 60 वर्षीय महिला को जादू टोना करने के संदेह में आग लगा दी थी। फरवरी में हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र के करियादपुर गांव में सरस्वती पूजा के बाद विसर्जन जुलूस के दौरान एक 17 वर्षीय लड़के की कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी।
झारखंड विधानसभा द्वारा भीड़ हिंसा रोकथाम और मॉब लिंचिंग विधेयक, 2021 को पारित करने के बाद भी राज्य में मॉब लिंचिंग की घटनाए कम नहीं हो रही हैं। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा प्रदान करना और भीड़ की हिंसा को रोकना है।