केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार की ओर से जल्द ही खुशियों की सौगात मिल सकती है। खबर है कि मोदी सरकार जल्द ही 7वें वेतन आयोग के तहत नए भत्तों को लागू करने के आदेश दे सकती है।
कुछ सूत्रों के अनुसार, एम्पावर्ड कमेटी ऑफ सेक्रेटरीज (ईसीओएस) ने अशोक लवासा समिति के सुझावों के आधार पर अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है। इससे पहले केंद्रीय सचिव पीके सिन्हा ने केंद्रीय कर्माचारियों के प्रतिनिधि मंडल का आश्वस्त किया था कि ईसीओएस 1 जून से पहले लवासा समिति के सुझावों की रिपोर्ट को अच्छे से समझेगी। खबर है कि ईसीओएस 1 जून से पहले अपनी रिपोर्ट केंद्र के सामने रख सकता है।
क्या है पूरा मामला
1. भत्ता केंद्र सरकार के कमर्चारियों की सैलरी का अहम हिस्सा होता है। ऐसे में जब आयोग ने भत्ता घटाने की सिफारिश की, तो कमर्चारियों ने विरोध का स्वर बुलंद कर दिया।
2. सातवें वेतन आयोग ने कर्मचारियों के लिए मौजूदा 196 भत्तों में से 53 को खत्म करने और कुछ को अन्य के साथ समाहित करने की सिफारिश की थी।
3. आयोग द्वारा मूल वेतन में 14.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की सिफारिश पिछले 70 सालों में किसी आयोग द्वारा की गई सबसे कम है। इसके साथ भत्ते में कटौती लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा अंतर पैदा कर देता।
4. भत्ते पर आयोग की सिफारिशों की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने वित्त सचिव अशोक लवासा की अगुवाई में कमिटी का गठन किया।
5. शुरुआत में कमिटी को अपनी रिपोर्ट वित्तमंत्री को सौंपने के लिए चार महीने का समय दिया गया था। खबरों के मुताबिक पिछले साल अक्टूबर में अशोक लवासा ने कहा था कि वे अपनी रिपोर्ट तैयार कर चुके हैं।
6. हालांकि बाद में कमिटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए 22 फरवरी 2017 का वक्त मिला। सातवें वेतन आयोग के अनुमान के मुताबिक भत्ते में बढ़ोत्तरी के बाद पहले साल 29,300 करोड़ रुपये का भार केंद्र सरकार पर आएगा।
7. कुछ खबरों के मुताबिक पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव पूरा होने के बाद केंद्र सरकार संशोधित भत्ते को मंजूरी दे सकती है। संशोधित भत्ते 1 अप्रैल से लागू होंगे। इसी दिन नया वित्त वर्ष शुरू होगा।