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Defence: 2025 में अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा पर हुई ड्रोन घुसपैठ की 791 घटनाएं, पंजाब और राजस्थान में सबसे अधिक

Wed, 31 Dec 2025 10:06 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
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ड्रोन हमला (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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साल 2025 के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर कुल 791 ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं सामने आईं। इनमें जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नौ और पंजाब व राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 782 घटनाएं दर्ज की गईं। रक्षा मंत्रालय ने  बुधवार को यह जानकारी दी। 
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मंत्रालय ने कहा कि पश्चिमी सीमा पर अपने (इलेक्ट्रॉनिक उपकरण) स्पूफर और जैमर का प्रभावी इस्तेमाल किया गया, जिससे ड्रोन से पैदा होने वाले खतरे को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सका। साल के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में भारतीय सुरक्षा बलों ने कुल 237 ड्रोन मार गिराए। इनमें पांच ड्रोन युद्ध जैसी सामग्री के साथ, 72 ड्रोन नशीले पदार्थों के साथ और 161 ड्रोन बिना किसी पेलोड के थे।

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मंत्रालय ने दोहराया कि इस वर्ष कुल 791 ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं सामने आईं, जिनमें से अधिकांश पंजाब और राजस्थान से सटे इलाकों में हुईं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय सेना के लगातार प्रयासों की वजह से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है। मंत्रालय ने कहा कि लोग विकास के रास्ते को चुन रहे हैं और सरकार व सेना की ओर से चलाई जा रही विभिन्न पहलों में बड़ी संख्या में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। 'पूरे देश' के दृष्टिकोण से देखा जाए तो हिंसा के स्तर में कमी आई है, विरोध-प्रदर्शन घटे हैं और पत्थरबाजी की कोई घटना नहीं हुई है।

समीक्षा रिपोर्ट में सात मई को चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया गया, जिसके तहत पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में कम से कम 100 आतंकियों को मार गिराया गया था। इस आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। 
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इस सैन्य कार्रवाई के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी शिविरों पर सटीक मिसाइल हमले किए थे। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक तनाव की स्थिति बनी रही। 10 मई को दोनों देशों के सेना अधिकारियों के बीच हॉटलाइन पर हुई बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी और संघर्ष थमा। मंत्रालय ने कहा कि 10 और 12 मई को डीजीएमओ स्तर की बातचीत के बाद स्थिति स्थिर है। हालांकि अनिश्चितता बनी हुई है। इस दौरान पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र के जरिये आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें बढ़ी हैं।

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