गोवा नाइटक्लब अग्निकांड को लेकर जारी जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। अरपोरा गांव में स्थित बर्च बाय रोमियो लेन को अवैध रूप से बनाया गया था। इतना ही नहीं नाइट क्लब बिना लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तरी गोवा के अरपोरा गांव में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ बिना वैध लाइसेंस के अवैध रूप से संचालित किया जाता रहा और स्थानीय पंचायत ने संपत्ति को सील करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। बता दें कि बीते 6 दिसंबर की रात को नाइटक्लब में आग लग गई थी, जिसमें 25 लोग मारे गए, जिनमें टूरिस्ट और नाइटक्लब के स्टाफ शामिल थे।
नियमों की उड़ाई गईं धज्जियां
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि नाइटक्लब नमक के मैदान के बीच में खड़ा था और इसे शुरू करने के लिए किसी भी कानूनी इजाजत नहीं थी। नमक के मैदान को बदलना भूमि राजस्व संहिता की धारा 32 के साथ-साथ तटीय क्षेत्र विनियमों का उल्लंघन है। जांच में दर्ज किया गया कि अरपोरा नागोवा की ग्राम पंचायत ने 16 दिसंबर, 2023 को बीइंग जीएस हॉस्पिटैलिटी गोवा अरपोरा एलएलपी को बार और रेस्तरां-सह-नाइटक्लब चलाने के लिए एक लाइसेंस जारी किया था, जो 31 मार्च, 2024 तक वैध था। इसके बाद लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया गया।
पंचायत के साथ मिलकर किया अवैध संचालन
रिपोर्ट में कहा गया है कि परिसर बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के अवैध रूप से चलता रहा और ग्राम पंचायत ने संपत्ति को सील करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। रिपोर्ट में कहा गया है कि गोवा पंचायत राज अधिनियम की धारा 72-ए बिना लाइसेंस के व्यापार चलाने वाले परिसरों को सील करने का अधिकार देती है। पंचायत सचिव रघुवीर बागकर ने जांच पैनल के सामने अपने बयान में माना कि हालांकि उन्हें पता था कि उन्होंने ट्रेड लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया है, लेकिन उन्होंने किसी अन्य संबंधित विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी, जो पंचायत द्वारा जारी ट्रेड लाइसेंस पर निर्भर थे।
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रिपोर्ट के अनुसार, उस जगह पर उचित सावधानी और एहतियात बरते बिना और बिना पर्याप्त आग बुझाने के उपकरणों के आतिशबाजी का आयोजन किया गया था, जिससे 6 दिसंबर की रात को नाइटक्लब में आग लग गई, जिसमें 25 लोग मारे गए। मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि क्लब में ग्राउंड और डेक दोनों मंजिलों पर आपातकालीन निकास की कमी थी और यह वैध अनुमति के बिना चल रहा था। जांच में कथित तौर पर जाली पुलिस क्लीयरेंस दस्तावेज और लाइसेंस दस्तावेजों में घर के नंबर के साथ छेड़छाड़ का भी खुलासा हुआ। पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें उस जगह के तीन मालिक भी शामिल हैं।
सरपंच रोशन रेडकर पद से अयोग्य घोषित
गोवा के अरपोरा-नगाओ गांव में हुए नाइटक्लब अग्निकांड में 25 लोगों की मौत के मामले में सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट के बाद गांव के सरपंच रोशन रेडकर को पद से अयोग्य कर दिया गया है और उन्हें पांच साल के लिए पंचायत पद से प्रतिबंधित किया गया। वहीं, तत्कालीन पंचायत सचिव रघुवीर बागकर को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। जांच में सामने आया कि बर्च बाय रोमियो लेन बिना वैध लाइसेंस के चल रहा था और सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन हुआ था। इस हादसे में 25 लोगों की जान चली गई थी।