स्वतंत्रता की 76 वीं वर्षगांठ पर लाल किले की प्राचीर से लगातार नौंवी बार संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को आजादी दिलाने वाले महान क्रांतिकारियों का स्मरण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव आंबेडकर, वीर सावरकर का खासतौर से स्मरण किया।
लाल किले से पीएम मोदी ने कहा कि बापू का सपना था आखिरी व्यक्ति की आकांक्षा को पूरा करना। हमें उनके सपने को पूरा करना है। जन जन की आकांक्षा को पूरा करना है। पीएम ने कहा कि कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले बापू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, बाबासाहेब अम्बेडकर, वीर सावरकर के प्रति नागरिक आभारी हैं। कर्तव्य पथ ही उनका जीवन पथ रहा।
पीएम मोदी ने कहा कि यह देश मंगल पांडे, तात्या टोपे, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, अशफाकउल्ला खान, राम प्रसाद बिस्मिल और ब्रिटिश शासन की नींव हिलाने वाले हमारे असंख्य क्रांतिकारियों का कृतज्ञ है। पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान का कोई कोना, कोई काल ऐसा नहीं था, जब देशवासियों ने सैकड़ों सालों तक गुलामी के खिलाफ जंग न की हो, जीवन न खपाया हो, यातनाएं न झेली हो, आहुति न दी हो। आज हम सब देशवासियों के लिए ऐसे हर महापुरुष को, हर त्यागी और बलिदानी को नमन करने का अवसर है।
पं. नेहरू से लेकर नानाजी देशमुख का भी स्मरण
पीएम ने अपने भाषण आजादी की जंग लड़ने वाले पं. नेहरू, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, श्याम प्रसाद मुखर्जी, जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, नानाजी देशमुख जैसे अनगिनत ऐसे महापुरुषों को आज नमन करने का अवसर है। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में देशवासियों ने मुझे दायित्व दिया। आजादी के बाद मैं जन्मा हुआ मैं पहला व्यक्ति था जिसको लाल किले से देशवासियों को गौरव गान करने का अवसर मिला। लेकिन मेरे दिल में जो भी आप लोगों से सीखा हूं। जितना आप लोगों को जान पाया हूं मेरे देशवासियों। आपके सुख-दुख को समझ पाया हूं। उसको लेकर मैं अपना पूरा कालखंड देश के उन लोगों को मजबूत करने में खपाया। दलित, शोषित, पीड़ित, आदिवासी, महिला, युवा, किसान हो दिव्यांग, पूरब, पश्चिम, दक्षिण हो। हर कोने में महात्मा गांधी को जो सपना था आखिरी व्यक्ति की चिंता करने की। मैंने अपने आपको उसके लिए समर्पित किया। 8 साल का नतीजा और आजादी के इतने दशक का अनुभव आज 75 साल के अमृत काल की ओर कदम रख रहे हैं। मैं एक ऐसे सामर्थ्य को देख रहा हैं और इसे देखकर गौरव से भर जाता हूं। आज भारत का जन मन आकांक्षी जन मन है। ये देश की बहुत बड़ी अमानत होती है। हमें गर्व है कि आज हिंदुस्तान के हर कोने में, हर वर्ग में, हर तबके में अकांक्षाएं उफान पर है।