मध्यप्रदेश में बाढ़ और बारिश की वजह से 14 जिलों की 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने रविवार को कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था और सोमवार को होशंगाबाद जिले में उन्होंने नाव के जरिए बर्बाद फसल और अन्य संपत्तियों का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने कहा कि सिवनी जिले में एक ब्रिज के टूटने की वजह का पता लगाने के लिए जांच कराई जाएगी। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में सरकार की मदद के लिए वायुसेना और अन्य एजेंसियों को धन्यवाद भी दिया।
मध्यप्रदेश में जून-अगस्त में औसत से अधिक बारिश, ज्यादातर बांध 84 फीसदी तक भरे
मध्य प्रदेश में जून-अगस्त के दौरान सामान्य औसत से करीब 13 फीसदी अधिक बारिश हुई। इतना ही नहीं प्रदेश के 248 अहम बांध भी 84.1 फीसदी तक लबालब हो गए हैं। यह स्तर पिछले साल इसी दौरान से अधिक है।
बाढ़ प्रभावित भंडारा, चंद्रपुर से 3000 से अधिक लोगों को निकाला गया
महाराष्ट्र में विदर्भ क्षेत्र के भंडारा और चंद्रपुर जिलों में 3000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इन दोनों जिलों के कई इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं। भंडारा में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ तथा स्थानीय प्रशासन की टीमें लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रही हैं। पिछले दो दिनों में भंडारा शहर से 2830 लोगों को निकाला गया। शहर में बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है लेकिन राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। वहीं चंद्रपुर में लडाज गांव से रविवार को 500 लोगों को निकाला गया।
मालदा जिले में गंगा में कटाव होने से 55 घर बह गए
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में अचानक गंगा नदी में कटाव होने के चलते कम से कम 55 घर बह गए। अधिकारियों ने बताया कि गंगा नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने के चलते बीरनगर ग्राम पंचायत के तहत आने वाले चीन बाजार गांव में कई जगह पर कटाव हुआ। घरों के नष्ट होने से 55 परिवार बेघर हो गए हैं। इन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई है।