पिछले तीन साल में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों व आतंकियों के बीच हुईं 400 मुठभेड़ों में कुल 630 आतंकवादी मारे गए हैं। केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि मई 2018 से जून 2021 के बीच हुई इन मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों के 400 कर्मचारी/अधिकारी शहीद हुए हैं।
उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि जम्मू-कश्मीर आतंकवादी हिंसा से प्रभावित रहा है और इस हिंसा को सीमा पार से प्रायोजित किया जाता है और समर्थन दिया जाता है।'
आतंक के खिलाफ हमारी नीति शून्य सहिष्णुता की
नित्यानंद राय ने कहा कि आतंकवाद को लेकर केंद्र सरकार की शून्य सहनशक्ति की नीति है। हमारी सरकार ने यहां पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई उपाय किए हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र विरोधी तत्वों पर लगाम कसने के लिए कानून लागू किए जा रहे हैं। आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं और मददगारों पर कार्रवाई की जा रही है।
पाकिस्तान ने 664 बार किया युद्धविराम का उल्लंघन
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि जून 2021 तक पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में 664 बार युद्धविराम (सीजफायर) का उल्लंघन किया और सीमा पार से गोलीबारी हुई।
हालांकि, मार्च में यहां पर सीमा पार से गोलीबारी या युद्धविराम उल्लंघन की एक भी घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हमारी सेना हर गलत हरकत का जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है।
द्रमुक सांसद तिरुचि सिवा के सवाल के जवाब में राय ने बताया कि 2019 में यूएपीए कानून के तहत जम्मू-कश्मीर में 1948 लोग गिरफ्तार किए गए और 34 लोगों को सजा सुनाई गई।
चीन-पाकिस्तान की 12,600 से अधिक शत्रु संपत्तियां
केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने राज्यसभा में बताया कि चीनी और पाक नागरिकों द्वारा छोड़ी गई 12,600 से अधिक अचल शत्रु संपत्तियां भारतीय शत्रु संपत्ति संरक्षक के पास हैं।
मिश्रा ने बताया कि ये संपत्तियां वो लोग छोड़कर गए थे जिन्होंने चीन या पाकिस्तान की नागरिकता ले ली थी। इनमें से 12,485 संपत्तियां पाकिस्तानी और 126 चीनी नागरिकों की हैं।