तेलंगाना के 119 नवनिर्वाचित सदस्यों में से 61 फीसदी यानी 73 विधायक ऐसे हैं जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है। साल 2014 में यह आंकड़ा 56 फीसदी के साथ 67 था। वहीं पिछली बार के मुकाबले इस बार विधायकों की संपत्ति औसतन दोगुनी हो गई है।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक तेलंगाना के मौजूदा 47 विधायकों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी। इन मामलों में हत्या, महिलाओं के खिलाफ अपराध और इस तरह के गंभीर अपराध शामिल थे। 2014 में गंभीर मामलों में विधायकों की संख्या 46 थी।
एडीआर के मुताबिक टीआरएस के 88 में से 50, कांग्रेस के 19 में से 14 , एआईएमआईएम के सात में से छह, टीडपी के दो और भाजपा के एक विधायक ने अपने-अपने हलफनामों में उनके खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है।
वहीं विधायकों की औसत संपत्ति भी 2014 के मुकाबले दोगुनी हो गई है। साल 2014 में यह औसतन जहां 7.70 करोड़ रुपये थी वहीं इस बार यह बढ़कर औसतन 15.71 करोड़ रुपये हो गई है। 314 करोड़ की संपत्ति के साथ कांग्रेस विधायक के राजोगपाल रेड्डी शीर्ष पर हैं उनके बाद दूसरे नंबर पर टीआरएस के एम जनार्दन रेड्डी हैं इनकी कुल संपत्ति 161 करोड़ रुपये की है।
वहीं तीसरे स्थान पर कांग्रेस के के उपेंद्र रेड्डी हैं इनकी कुल संपत्ति 91 करोड़ रुपये की है। इस सूची में सबसे कम संपत्ति सैय्यद अहमद पाशा कादरी की है। अपने हलफनामे में इन्होंने कुल 19 लाख की अपनी संपत्ती बताई है।