पूर्व प्रधानमंत्री मनमहोन सिंह ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि नोटबंदी के बाद लोगों को रही परेशानी और शिकायतों को संज्ञान में लेने की जरूरत है। 60-65 लोगों की मौत हो गई। क्या इस फैसले को हमारे देश के लोगों का करेंसी और बैंकिंग सिस्टम से विश्वास कम करने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 50 दिन इंतजार करने के लिए कहा। लेकिन, ये 50 दिन गरीबों के लिए काफी हानिकारक हो सकता है। प्रधानमंत्री को कुछ रचनात्मक प्रस्ताव लाना चाहिए, जिसे इंप्लीमेंट किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी लागू करने में बदइंतजामी हुई।
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के इस आरोप पर अमर उजाला ने पाठकों से सवाल पूछा कि, 'करेंसी और बैंकिंग से विश्वास उठ जाने की मनमोहन सिंह की बात से क्या आप सहमत हैं?'। अमर उजाला के इस पोल में कुल 14,993 पाठकों ने हिस्सा लिया। जिसमें 8,606 पाठकों का कहना है कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के ये आरोप गलत हैं। यानि इनका मानना है कि नोटबंदी के बाद हो रही तकलीफों से करेंसी और बैंकिंग सिस्टम से विश्वास उठने की बात गलत है। इन पाठकों की संख्या कुल पोल में हिस्सा लेने वाले पाठकों का 57.4 प्रतिशत है।
वहीं 6188 पाठक मनमोहन सिंह के इस बात से सहमत हैं कि नोटबंदी के बाद फैली अव्यवस्था से करेंसी और बैंकिंग सिस्टम से लोगों का विश्वास उठ जाएगा। ये कुल वोट का 41.27% प्रतिशत है। वहीं 199 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना। ये कुल पाठकों का 1.33 प्रतिशत है।