देश के 6 राज्यों की 53 अलग-अलग छोटी-बड़ी नदियों में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात यह हो गए हैं कि यह सभी नदियां बीते 24 घंटे के भीतर ही खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई हैं। उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्व से लेकर दक्षिण की इन सभी नदियों में लगातार बढ़ रहे पानी को देखते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान संबंधित राज्यों को अलर्ट जारी किया है। फिलहाल जिन राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है उसमें असम, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश शामिल है। केंद्र सरकार की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों की नदियों में बढ़ रहे जलस्तर को मॉनिटर करने के लिए बनाई गई टीम के मुताबिक, अगले 24 घंटे इन सभी राज्यों के लिए और बेहद महत्वपूर्ण हैं।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने मंगलवार को देश के सभी राज्यों की नदियों में बढ़े हुए जलस्तर की मॉनिटरिंग के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में बीते 72 घंटे के दौरान सभी नदियों के जलस्तर का आकलन कर केंद्र सरकार से रिपोर्ट साझा की गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग राज्यों के जिलों शहरों और इलाकों से होकर बहने वाली प्रमुख नदियों की 138 जगहों पर नदियों के जलस्तर को जांचा गया। नदियों में जलस्तर को मॉनिटर करने के लिए बनाई गई सेंट्रल कमेटी के सदस्य डॉक्टर अरविंद के गुप्ता कहते हैं कि फिलहाल देश के 6 राज्यों में बहने वाली छोटी बड़ी नदियों में जलस्तर खतरे के निशान से लगातार ऊपर बह रहा है। इसमें असम, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की 22 नदियों में बढ़े हुए जलस्तर पर ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि आंध्र प्रदेश में भी एक नदी को यलो अलर्ट के तौर पर चिह्नित किया गया है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बहने वाली प्रमुख नदियों से कई शहरों और जिलों को खतरा बना हुआ है। दूसरे नंबर पर असम की नदियों में बड़े हुए जलस्तर से स्थितियां बाढ़ के चलते बदहाल हो रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के अलग-अलग हिस्सों से बहने वाली नदियों से 13 जिलों जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहकर गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है। इसके अलावा बिहार की 12 जिलों में सहायक नदियों में भी खतरे से ऊपर पानी बह रहा है। केंद्र सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में लगातार बढ़ रहे पानी से इस राज्य में गंभीर स्थिति का जिक्र किया गया है। इसी तरह से असम की दो नदियां भी लगातार बढ़ रहे जलस्तर के साथ खतरनाक स्थिति में पहुंची है। मंगलवार को केंद्र सरकार ने इन नदियों के खतरे से ऊपर बढ़े जलस्तर पर अलर्ट जारी किया है।
लगातार हो रही बारिश और नदियों में बड़े हुए जलस्तर से उत्तर प्रदेश की पांच नदियों के लिए केंद्र सरकार की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। सात अन्य नदियों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक असम के दस अलग अलग हिस्सों में प्रमुख और सहायक नदियों से बीते 72 घंटे के असम बिहार झारखंड उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश जलस्तर बढ़ा है। इस बढ़े हुए जलस्तर को देखते राज्य को इन नदियों के लिहाज से येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह पश्चिम बंगाल की दो नदियों में पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों नदियों में बड़े हुए जलस्तर को देखते हुए इस राज्य को भी केंद्र सरकार की ओर से अलर्ट जारी कर बचाव के संभावित दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
देश में नदियों के बढ़े हुए जलस्तर को मॉनिटर करने के लिए बनाई गई कमेटी के डॉक्टर अरविंद के. गुप्ता कहते हैं झारखंड और आंध्र प्रदेश की भी दो नदियों में लगातार जलस्तर बढ़कर खतरनाक स्थिति में पहुंचता जा रहा है। हालांकि, उनका कहना है कि मंगलवार को हुई बैठक में देश के किसी भी हिस्से में रेड अलर्ट तो नहीं हुआ है, लेकिन जिन राज्यों में येलो अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहां की नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। फिलहाल मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक लगातार बारिश हो सकती है। उसी आधार पर केंद्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित राज्यों को और ज्यादा अलर्ट रहने के दिशा निर्देश जारी किए हैं।
देश के छह अलग-अलग राज्यों में बहने वाली इन प्रमुख नदियों से बना है खतरा
- कोसी
- बागमती
- देशांग
- बारडेहिंग
- गंगा
- घाघरा
- गंडक
- बूढ़ी गंडक
- पुनपुन
- तुंगभद्र
- बेकी
- ब्रह्मपुत्र
- संकोष
- कुशियारा
- जियभ्राली नदी
- धनसिरी दक्षिण नदी
- दीखो नदी
- परमान
- महानंदा
- कमला
- कमलाबलान
- सोन नदी
- राप्ती
- रामगंगा
- तीस्ता