राजस्थान में 49 डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग ने फरार घोषित कर दिया है। यह लोग बीते तीन साल से अपनी सरकारी नौकरी पर नहीं आ रहे हैं। इनपर कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इनकी सूची राजस्थान मेडिकल काउंसिल को भेज दी है। काउंसिल से कहा गया है कि उनके रजिस्ट्रेशन को रद्द किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर डॉक्टर वीके माथुर का कहना है, 'हमे पता चला है कि 49 डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। वह अपनी सेवा से गायब हैं। उनके रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एक बार रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाएं फिर ये डॉक्टर कानूनी रूप से प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे।'
डॉक्टर माथुर ने आगे कहा, 'हम अभी भी इस बात की जांच कर रहे हैं कि इन 49 डॉक्टरों में से कोई अपनी ड्यूटी पर वापस लौटा है या नहीं। अगर इनमें से कोई ड्यूटी पर लौटा होगा तो सूची को संशोधित किया जाएगा।'
स्वास्थ्य विभाग ने दावा करते हुए कहा कि उन्होंने सभी डॉक्टरों को याद दिलाते हुए कहा था कि वह ड्यूटी पर वापस लौटें लेकिन वह नहीं लौटे। उनका रजिस्ट्रेशन इसलिए रद्द किया जाएगा क्योंकि उन्होंने साइन किए गए बॉन्ड की शर्तें नहीं मानीं।
बता दें ये सभी एमबीबीएस डॉक्टर थे, जिन्हें सरकारी कोटा के तहत पीजी करने के लिए चुना गया था। इन्होंने एक बॉन्ड भी साइन किया था जिसमें कहा गया था कि इन्हें सरकारी अस्पताल में पांच साल तक ड्यूटी करनी होगी। लेकिन यह सभी अपनी पीजी करने के बाद ड्यूटी पर नहीं लौटे। इनकी ड्यूटी अलग-अलग अस्पतालों में लगाई गई थी।