सिलहट में खेले जा रहे पहले टेस्ट में मेजबान बांग्लादेश को हराते हुए जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ न सिर्फ जिब्बाब्वे सीरीज में 1-0 से आगे हो गई बल्कि इस टीम ने 17 साल पुराना जीत का सूखा भी खत्म किया। दूसरा और अंतिम टेस्ट 11 नवंबर से मीरपुर में खेला जाएगा।
जिम्बाब्वे की टेस्ट क्रिकेट में यह लगभग पांच साल बाद पहली जीत है। इससे पहले उन्होंने सितम्बर 2013 में पाकिस्तान को हरारे में 24 रनों से हराया था। बांग्लादेश के खिलाफ भी जिम्बाब्वे की यह 2013 के बाद पहली जीत है।
इसके अलावा अपने देश से बाहर जिम्बाब्वे की यह सिर्फ तीसरी और 2001 के बाद पहली टेस्ट जीत है। इस मैच से पहले आखिरी बार जिम्बाब्वे ने घर से बाहर बांग्लादेश को ही चटगांव में हराया था।
19 नवंबर 2001 को जिम्बाब्वे ने पहली बार बांग्लादेश को उसकी सरजमीं पर शिकस्त दी थी। इसके बाद इस अफ्रीकन देश को अपनी दूसरी जीत के लिए 16 साल 11 माह का लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन वो कहते हैं न 'देर आए दुरुस्त आए'। जिम्बाब्वे ने मंगलवार को 151 रन के बड़े अंतर से मैच अपने नाम किया।
321 रन के विशाल लक्ष्य के आगे पूरी बांग्लादेशी टीम 169 रन पर ही सिमट गई। वित्तिय समस्याओं, 50 ओवर के विश्व कप में क्वालीफिकेशन का संकट जैसे बुरी खबरों से घिरी इस टीम के लिए यह जीत किसी ऑक्सीजन की तरह ही काम करेगी।
जिम्बाब्वे ने पहली पारी में 282 रन बनाए, जिसके जवाब में बांग्लादेश की टीम सिर्फ 143 रन बनाकर ढेर हो गई। दूसरी पारी में जिम्बाब्वे ने 181 रन बनाए और मेजबानों के सामने जीत के लिए 321 रन का लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में बांग्लादेश की टीम सिर्फ 169 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। पहली पारी में 88 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलने वाले शॉन विलियम्स को मैन ऑफ द मैच चुना गया।