बिलकिस बानो के सामूहिक बलात्कार के मामले में 11 दोषियों की रिहाई के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की महिला शाखा ने मंगलवार को शहर में 48 घंटे का धरना शुरू किया और इसे 'शर्मनाक' व 'अस्वीकार्य' बताया।
महिला सुरक्षा को लेकर केंद्र पर लगाया ढुलमुल रवैये का आरोप
इन नेताओं ने नॉर्थ 24 परगना जिले के बगदा में बीएसएफ जवानों द्वारा एक महिला के साथ बलात्कार सहित महिलाओं की सुरक्षा और सुरक्षा से निपटने में केंद्र पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया और सरकार की आलोचना की।
दोषियों की रिहाई शर्मनाक और अस्वीकार्य : पांजा
वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता और राज्य की उद्योग मंत्री शशि पांजा ने कहा, "देश का कानून कहता है कि जब भी किसी कैदी के लिए छूट पर विचार किया जाएगा तो बलात्कार और तस्करी के लिए दंडित लोगों पर विचार नहीं किया जाएगा। हमारी समझ में नहीं आ रहा है कि बिलकिस बानो मामले में दोषियों को कैसे रिहा किया गया। यह शर्मनाक और अस्वीकार्य है।"
साल 2002 में गुजरात के गोधरा में हिंसा हुई थी। इसी दौरान बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया जबकि उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। गुजरात सरकार ने अपनी छूट नीति के तहत उनकी रिहाई की अनुमति दी थी जिसके बाद अपराधी गोधरा जेल से बाहर आ गए।
'खुद को असुक्षित और अपमानित महसूस कर रहीं महिलाएं'
पांजा ने 11 दोषियों को फिर से जेल में डालने के लिए कोई कार्रवाई न करने के लिए केंद्र और गुजरात की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, देश की महिलाएं इससे खुद को असुरक्षित और अपमानित महसूस कर रही हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए पांजा ने कहा, "नई दिल्ली महिलाओं के लिए देश का सबसे असुरक्षित शहर है।" उन्होंने आगे कहा, "यह ध्यान रखना जरूरी है कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, जिसने एनसीआरबी की रिपोर्ट पर एक भी शब्द नहीं कहा है।"
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पूछा- बगदा बलात्कार मामले केंद्रीय गृहमंत्री चुप क्यों?
वहीं टीएमसी की वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बगदा के बलात्कार मामले को लेकर केंद्र पर हमला किया। उन्होंने पूछा, "बीएसएफ को देश की सीमाओं की रक्षा के लिए जाना जाता है, वे जघन्य अपराध कर रहे हैं। क्या केंद्रीय गृहमंत्री घटना पर रिपोर्ट मांगेंगे और महिला से बलात्कार के आरोपी बीएसएफ कर्मियों को दंडित करेंगे? वह इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं?
बीते अगस्त के महीने में पश्चिम बंगाल से अवैध रूप से बांग्लादेश जाने की कोशिश कर रही एक महिला से बलात्कार करने के आरोप में बीएसएफ के दो जवानों को गिरफ्तार किया गया था।
भट्टाचार्य ने कहा, "बिलकिस बानो मामले के दोषियों की रिहाई और बीएसएफ कर्मियों द्वारा एक महिला से बलात्कार, भाजपा सरकार के उस पाखंड को दर्शाता है जो नारी शक्ति और महिला सशक्तिकरण के बारे में वह बोलती है।"