मुंबई की खार पुलिस ने हाईटेक तरीके से महंगी एसयूवी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजकोट के दो आरोपियों दीप रमणीकभाई आघेर और राहुलभाई भरतभाई घियाल को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ब्लूटूथ स्कैनर डिवाइस से कार की चाबी का सिग्नल कॉपी कर करीब 45 लाख रुपये की टोयोटा फॉर्च्यूनर चोरी की थी।
खार में हाईटेक तरीके से महंगी एसयूवी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए खार पुलिस ने महज एक सप्ताह के भीतर गुजरात के राजकोट से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 45 लाख रुपये कीमत की चोरी गई टोयोटा फॉर्च्यूनर, कार की चाबी का सिग्नल कॉपी करने वाला ब्लूटूथ स्कैनर डिवाइस और दो महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अदालत ने दोनों आरोपियों को 5 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजकोट निवासी दीप रमणीकभाई आघेर (28) और राहुलभाई भरतभाई घियाल (29) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार वारदात खार पश्चिम स्थित टोयोटा शोरूम के बाहर हुई। शोरूम के डिलीवरी इंचार्ज ने शिकायत में बताया कि ग्राहकों को टेस्ट ड्राइव के लिए इस्तेमाल होने वाली फॉर्च्यूनर को 24 जून की रात शोरूम के बाहर पार्क किया गया था। अगले दिन सुबह कार गायब मिली। काफी तलाश के बाद भी वाहन का पता नहीं चला तो खार पुलिस में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।
विज्ञापन
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कार की मूल चाबी के सिग्नल को एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से कॉपी कर लिया था। इसके बाद उन्होंने वाहन के सुरक्षा सिस्टम को निष्क्रिय कर कार चुरा ली। पुलिस को भ्रमित करने के लिए आरोपियों ने कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी और दहिसर टोल नाका पार कर गुजरात की ओर निकल गए। हालांकि वाहन पर मौजूद कुछ विशेष पहचान चिह्नों के आधार पर पुलिस उसकी लोकेशन ट्रैक करती रही।
टेक्निकल इन्वेस्टीगेशन और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस को आरोपियों के राजकोट में होने की जानकारी मिली। इसके बाद खार पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से ट्रैप लगाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी की गई फॉर्च्यूनर को उन्होंने राजकोट से करीब 300 किलोमीटर दूर नवसारी जिले के चिखली क्षेत्र में छिपाकर रखा है। इसके बाद पुलिस ने राजकोट की अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल किया और वाहन बरामद कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य हाईटेक तरीके से लग्जरी गाड़ियां चुराने में माहिर हैं। पुलिस के अनुसार एक आरोपी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर कोडिंग के जरिए वाहनों के सुरक्षा फीचर निष्क्रिय करता था, जबकि दूसरा फर्जी नंबर प्लेट लगाने और चेसिस नंबर से छेड़छाड़ करने का काम करता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक दीप के खिलाफ विभिन्न राज्यों में पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि राहुल भी गुजरात के एक पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में वॉन्टेड था।