पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग इस बार उम्मीदवारों को आय का स्रोत बताने पर ज्यादा जोर नहीं दे रही है। दरअसल 2012 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा के विधानसभा चुनावों में 38 फीसदी (3410) उम्मीदवारों ने अपने हलफनामों में घोषित किया कि उन्होंने कभी भी आयकर रिटर्न (आईटीआर) नहीं भरा। इन राज्यों के चुनावों में 8978 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था।
गैर सरकारी संस्था असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने 2012 में इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों पर एक रिपोर्ट तैयार की थी। इस रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2012 में उत्तर प्रदेश के 34 फीसदी (2259), उत्तराखंड के 45 फीसदी (352), पंजाब के 52 फीसदी (551), मणिपुर के 32 फीसदी (86) और गोवा के 76 फीसदी (162) उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग को दाखिल किए गए शपथ पत्र में घोषणा की थी कि उन्होंने कभी भी आयकर रिटर्न नहीं भरा है।
एडीआर की रिपोर्ट से पिछले चुनाव में एक और खुलासा हुआ है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में शपथ पत्र में पैन कार्ड की जानकारी न देने वाले उम्मीदवारों की संख्या 41 फीसदी (3650) थी। इन्हीं पांच राज्यों के वर्ष 2007 के विधानसभा चुनावों में 61 प्रतिशत उम्मीदवारों ने पैन कार्ड की जानकारी शपथ पत्र में दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 44 फीसदी (2923), उत्तराखंड में 30 फीसदी (232), पंजाब में 35 फीसदी (373), मणिपुर में 37 फीसदी (101) और गोवा में 10 फीसदी (21) उम्मीदवारों ने पैन कार्ड की जानकारी नहीं दी।