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Maharashtra: ठाणे में युवक की हत्या के मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद, अदालत ने कहा- बेहद गंभीर है अपराध

Sun, 07 Jul 2024 03:43 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे

सार

वर्ष 2016 में 22 नवंबर की रात को आरोपियों ने 23 वर्षीय शिवशंकर को पत्थरों से वार कर मार डाला था। इसके बाद उसके सोने के आभूषणों को लूटा गया। सरकारी वकील ने बताया कि शिवशंकर के चेहरे को बुरी तरह से कुचला गया था ताकि उसकी पहचान न हो सके। 

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कोर्ट फैसला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाराष्ट्र के ठाणे में  एक युवक की हत्या के मामले में तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। तीनों पर आरोप है कि वर्ष 2016 में उन्होंने लूट से इरादे से युवक की हत्या की। अदालत का कहना है कि अपराध बहुत गंभीर था और इसकी वजह से समाज के बीच गलत संदेश पेश किया गया है। जिला एवं सत्र न्यायालय की न्यायाधीश वसुधा भोसले ने अपने आदेश में प्रत्येक आरोपी पर 7,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।  

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‘मृतक के चेहरे को बुरी तरह से कुचला गया था’
जिन लोगों को दोषी करार दिया गया है, उनमें पहले दोषी का नाम कमलेश राजदेव साहनी है। कमलेश, पालघर जिले के वसई का रहने वाला है। इसके अलावा अन्य दो आरोपी रूपेश रांभू साह और मंटू रामधर पटेल बिहार के रहने वाले हैं। सरकारी वकील वर्षा आर. चंदाने ने अदालत को बताया कि वर्ष 2016 में 22 नवंबर की रात को आरोपियों ने 23 वर्षीय शिवशंकर को पत्थरों से वार कर मार डाला। इसके बाद शिवशंकर के सोने के आभूषणों को लूटा गया। सरकारी वकील ने आगे बताया कि शिवशंकर के चेहरे को बुरी तरह से कुचला गया ताकि उसकी पहचान न हो सके। 

अपने परिवार का इकलौता बेटा था शिवशंकर
तीनों अपराधियों पर हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया। इसके साथ ही लूट और सबूतों को नष्ट करने का भी आरोप लगाया गया। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपियों ने बेहद बर्बरता से हत्या को अंजाम दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि जिस युवक की हत्या की गई है, वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था। अपने आदेश में अदालत ने आगे कहा, ‘इस क्षति की पूर्ति नहीं की जा सकती और आरोपियों ने शिवशंकर की हत्या लूट के इरादे से की है। इस अपराध के पीछे बहुत खतरनाक उद्देश्य था और इससे समाज के बीच गलत संदेश जाएगा। इसलिए, आरोपियों को बिना कोई नरमी दिखाए हुए दोषी ठहराया जाना चाहिए।’ सरकारी वकील ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए  23 गवाहों से पूछताछ की गई।

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