फरीद ममुंदजाय ने बताया कि मानवीय सहायता के तौर पर 2500 मीट्रिक टन गेहूं की पहली खेप बुधवार सुबह जलालाबाद, अफगानिस्तान पहुंची। बुधवार को 50 ट्रक आईसीपी अटारी से पाकिस्तान होते हुए अफगानिस्तान भेजे गए थे।
खाद्यान्न संकट से जूझ रहे अफगानिस्तान को भारत ने मानवीयता के आधार पर गेहूं की पहली खेप पहुंचा दी है। 2500 मीट्रिक टन गेहूं की खेप का पहला काफिला शनिवार को सुबह जलालाबाद पहुंचा। गेहूं की यह पहली खेप पाकिस्तान से होते हुए अफगानिस्तान पहुंची है। बुधवार को आईसीपी अटारी से 50 ट्रक पाकिस्तान से होते हुए अफगानिस्तान के लिए रवाना किए गए थे।
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भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने इन्हें हरी झंडी दिखाई थी। इस मौके पर अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई भी मौजूद रहे। खाद्यान्न संकट से जूझ रहे अफगानिस्तान को भारत ने मानवीयता के आधार पर 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं भेजा है। पहली खेप जो पाकिस्तान से होते हुए अफगानिस्तान पहुंची है। बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा पिछले साल 15 अगस्त को किए कब्जे के बाद से हालात बेहद खराब हैं।
तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह ने मानवीय मदद पाकर भारत सरकार को धन्यवाद कहा साथ ही दूसरे देशों से भी मानवीय आधार पर मदद का आग्रह किया। शृंगला ने कहा था कि पहली खेप में अफगानिस्तान को विश्व खाद्य कार्यक्रम के तहत 10 हजार मीट्रिक टन गेहूं भेजा गया है।
2.4 करोड़ लोगों को तुरंत मानवीय मदद की जरूरत : यूएन
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा है कि अफगानिस्तान में हालात बेहद खराब हैं। 2.4 करोड़ से अधिक अफगानिस्तानी लोगों को तुरंत मानवीय सहायता की दरकार है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों के आठ वरिष्ठ आपातकालीन विशेषज्ञों के एक समूह ने भी अफगानिस्तान को जीवन रक्षक मानवीय सहायता पहुंचाने की अपील की है।