युद्ध में शहीद सैनिकों को एमआई-17 वी5 से हवाई सलामी दी गई। साथ ही एयर वारियर ड्रिल टीम, वायु सेना बैंड, चीता, चिनकू हेलीकॉप्टरों ने भी प्रस्तुति दी। वायु सेना के अधिकारियों ने कहा कि कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले वीर वायु योद्धाओं का साहस और बलिदान सेना की विरासत है।
कारगिल युद्ध के 25 साल पूरे होने पर रविवार को भारतीय वायुसेना के एयर शो में शहीदों को हवाई सलामी दी गई। वायु स्टेशन सरसावा से नीले आसमान में लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी। साथ ही कारगिल में वायु सेना के स्ट्राइक मिशन और जवानों के योगदान को नमन किया गया। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध जीत की रजत जयंती मनाने के लिए भारतीयु वायु सेना 12-26 जुलाई तक कारगिल विजय दिवस रजत जयंती मना रही है। इसमें सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुरों जवानों का सम्मान किया गया।
विज्ञापन
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने वायु सेना स्टेशन पर बने युद्ध स्मारक पर शहीद वायु सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही उनके परिजनों का अभिनंदन करते हुए बात की। इस दौरान एयर शो में आकाश गंगा टीम, जगुआर, एसयू-30 एमकेआई और राफेल लड़ाकू विमानों ने आसमान में अपनी ताकत दिखाई।
साथ ही युद्ध में शहीद सैनिकों को एमआई-17 वी5 से हवाई सलामी दी गई। साथ ही एयर वारियर ड्रिल टीम, वायु सेना बैंड, चीता, चिनकू हेलीकॉप्टरों ने भी प्रस्तुति दी। वायु सेना के अधिकारियों ने कहा कि कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले वीर वायु योद्धाओं का साहस और बलिदान सेना की विरासत है। कारगिल में भारतीय वायु सेना ने 16 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को निशाना बनाया।
विज्ञापन
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कारगिल के दौरान वायु सेना ने पांच हजार स्ट्राइक मिशन, 350 टोही मिशन और 800 एस्कॉर्ट उड़ानें भरीं। साथ ही दो हजार हेलीकॉप्टरों के जरिये पीडि़तों की मदद की गई। मंत्रालय ने कहा कि युद्ध में शहीद वायु सेना स्टेशन सरसावा की 152 हेलीकॉप्टर यूनिट के शहीद स्क्वाड्रन लीडर आर पुंडीर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मुहिलन, सार्जेंट पीवीएनआर प्रसाद और सार्जेंट आरके साहू को मरणोपरांत वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया
एक्स पर साझा किया वीडियो
कारगिल युद्ध में सेना की जीत के 25वें वर्ष पर रक्षा मंत्रालय की ओर से एक्स पर वीडियो पोस्ट किया गया। इसमें लिखा गया कि 25 साल पहले ऑपरेशन विजय कामयाब हुआ। हमारे सैनिक कारगिल की ऊंचाइयों के बीच डटे रहे। यह उनकी वीरता राष्ट्र का गौरव और सम्मान है।