बाढ़ से निपटने की तैयारी
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बाढ़ग्रस्त इलाकों में रेस्क्यू जारी
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राजस्थान में कई नदियों का जलस्तर बढ़ा
राजस्थान में माही, साबरमती, चंबल और बनास नदियां तेजी से बढ़ रही हैं। प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, उदयपुर, कोटा, बूंदी और झालावाड़ जिलों में गंभीर बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है।
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महाराष्ट्र में भारी बारिश का खतरा
महाराष्ट्र के धुले, नंदुरबार, पालघर, ठाणे और पुणे जिलों में अगले 24 घंटों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। इससे तापी, वैतरणा, भीमा और कोयना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
बाढ़ में डूबे गरीबों के आवास
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उत्तर प्रदेश और बिहार में विकट स्थिति
उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, रामगंगा और घाघरा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सबसे प्रभावित जिले- मथुरा, बलिया, शाहजहांपुर, बाराबंकी, फर्रुखाबाद और फतेहपुर। बिहार में गंगा, कोसी, गंडक और घाघरा नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सबसे प्रभावित जिले- पटना, भागलपुर, सीवान और खगड़िया।
सीडब्ल्यूसी ने अगले 24 घंटों में अचानक बाढ़ की आशंका जताई है, खासकर गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में प्रशासन को सतर्क रहने और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
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नदियों के किनारे विकट स्थिति
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डैम से पानी छोड़ने को लेकर सख्त निर्देश
सीडब्ल्यूसी ने बताया कि देशभर में 46 बांधों और बैराजों के लिए पानी छोड़ने की चेतावनी जारी की गई है। इनमें कर्नाटक के 12, तेलंगाना के 6 और आंध्र प्रदेश के 5 बड़े बांध शामिल हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, ओडिशा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड के कई बांध भी लगभग पूरी क्षमता तक भर चुके हैं। जल आयोग ने राज्यों को निर्देश दिया है कि बांधों का संचालन तय प्रोटोकॉल के अनुसार ही करें, ताकि अचानक बड़ी मात्रा में पानी छोड़ने से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति न बने।
देश के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सीडब्ल्यूसी ने राज्य सरकारों और प्रशासन को तत्काल सतर्क रहने, राहत और बचाव दलों को तैयार रखने और डैमों का संचालन बेहद सावधानी से करने की सलाह दी है। आने वाले 2-3 दिन स्थिति और गंभीर हो सकती है, खासकर उन राज्यों में जहां भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।