नारायण जगदीशन (197 रन) अपना दोहरा शतक पूरा करने से महज तीन रन से चूक गए जिससे दक्षिण क्षेत्र ने शुक्रवार को दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में दूसरे दिन उत्तर क्षेत्र के खिलाफ पहली पारी में 536 रनों का प्रभावशाली स्कोर बनाया। वहीं, दानिश मालेवर और शुभम शर्मा की अगुवाई में बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन से मध्य क्षेत्र ने दूसरे सेमीफाइनल मैच के दूसरे दिन शुक्रवार को उत्तर क्षेत्र के 438 रन के जवाब में अपनी पहली पारी में दो विकेट पर 229 रन बनाकर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। दिन का खेल खत्म होते समय शुभम शर्मा (60) के साथ कप्तान रजत पाटीदार (47) क्रीज पर डटे हुए थे।
दक्षिण क्षेत्र बनाम उत्तर क्षेत्र (पहला सेमीफाइनल-दूसरा दिन)
दिन की शुरुआत तीन विकेट पर 297 रन से करने के बाद दक्षिण क्षेत्र ने पूरे दिन (88.2 ओवर) बल्लेबाजी की लेकिन बाकी विकेट खोकर केवल 239 रन ही बना सका। जगदीशन ने रन आउट होने से पहले 352 गेंद में 16 चौके और तीन छक्के लगाए। दक्षिण के बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके लेकिन टीम को सराहनीय स्कोर तक पहुंचाने में सफल रहे। उत्तर क्षेत्र के बल्लेबाजों के पास अब पहली पारी में 537 के स्कोर तक पहुंच कर फाइनल में जगह पक्की करने के लिए पूरे दो दिन हैं।
दिन की शुरुआत में दक्षिण के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन (11) दूसरी ही गेंद पर भारत के मध्यम गति के गेंदबाज अंशुल कंबोज (24 ओवर में 67 रन देकर दो विकेट) की गेंद पर आउट हो गए। रिकी भुई (54 रन) और जगदीशन ने पांचवें विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी निभाई। जगदीशन अपनी रात के 13 चौके में केवल तीन चौके जड़ पाए थे कि तेजी से एक रन लेने के प्रयास में रन आउट हो गए। लंच के बाद के सत्र में भुई ने पारी को संभाला।
लेकिन स्पिनर निशांत सिंधु (125 रन देकर पांच विकेट) की गेंद पर बल्ले का किनारा छुआकर प्रतिद्वंद्वी टीम के कप्तान अंकित कुमार के हाथों कैच आउट हो गए। इसके बाद हैदराबाद के स्पिनर तनय त्यागराजन (58 रन) को इसके बाद तमिलनाडु के तेज गेंदबाज गुरजपनीत सिंह (29 रन) के रूप में एक अच्छा साथी मिला। दोनों ने आठवें विकेट के लिए 63 रन की साझेदारी करके दक्षिण क्षेत्र को 500 रन के पार पहुंचाया।
पश्चिम क्षेत्र जोन बनाम मध्य क्षेत्र (दूसरा सेमीफाइनल-दूसरा दिन)
शुभम शर्मा और रजत पाटीदार ने तीसरे विकेट के लिए 69 रन की अटूट साझेदारी कर ली है। टीम पहली पारी में उत्तर क्षेत्र से 209 रन पीछे है और उसके आठ विकेट शेष है। क्वार्टर फाइनल में पूर्वोत्तर क्षेत्र के खिलाफ दोहरा शतक जड़ने वाले मालेवर ने धैर्य के साथ पारी की शुरुआत करते हुए 76 रन बनाए। उन्होंने पहले विकेट के लिए आयुष पांडे (40) के साथ 67 रन की साझेदारी कर टीम को ठोस शुरुआत दिलाई।
बाएं हाथ के बल्लेबाज पांडे अपनी पारी में आठ चौके लगाने के बाद अर्जन नगवासवाला की गेंद को आर्यन देसाई के हाथों में खेल बैठे। इस विकेट के बार मालेवार की पारी ने गति पकड़ी और उन्होंने शुभम के साथ दूसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी कर पश्चिम क्षेत्र के गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा ली। मालेवर ने 136 गेंद की पारी में 12 चौके और एक छक्का लगाया। उन्होंने अपनी शानदार फुटवर्क को गेंदबाजों को ज्यादा मौके नहीं दिए। तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे के खिलाफ बैकफुट पंच की मदद से लगाया गया उनका चौका दर्शनीय था।
दूसरे छोर से शुभम को तनुष कोटियान और स्पिनर धर्मेंद्र सिंह जडेजा के खिलाफ परेशानी का सामना करना पड़ा। मालेवर ने 94 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। वह एक और बड़ी पारी की ओर बढ़ रहे थे लेकिन जडेजा की गेंद पर विकेट के पीछे हार्विक देसाई ने उनका अच्छा कैच लपका। घरेलू क्रिकेट के दिग्गज 31 साल के शुभम को इसके बाद पाटीदार का अच्छा साथ मिला और दोनों की जोड़ी ने टीम को और नुकसान नहीं होने दिया।
इससे पहले पश्चिम क्षेत्र ने दिन की शुरुआत छह विकेट पर 363 रन से की। इस समय 24 रन पर बल्लेबाजी कर रहे कप्तान शार्दुल ठाकुर ने 83 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने सातवें विकेट के लिए कोटियान (76) के साथ 84 रन की साझेदारी की। शार्दुल 64 रन बनाकर रन आउट हो गये। उनके आउट होने के बाद मध्य क्षेत्र के गेंदबाजों ने 27 रन के अंदर तीन विकेट चटकाकर पश्चिम क्षेत्र की पारी को 438 रन पर समेट दिया। मध्य क्षेत्र के लिए सारांश जैन और हर्ष दुबे ने तीन-तीन विकेट लिए।