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स्वदेश वापसी पूरी: यूक्रेन से 22,500 विद्यार्थियों व भारतीयों को लाए, सुप्रीम कोर्ट में केस बंद

Mon, 21 Mar 2022 11:22 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों ने भारत में पढ़ाई जारी रखने पर जोर दिया है। सरकार इस पर विचार कर रही है और इस बारे में जल्द फैसला लिया जाएगा। 
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दिल्ली एयरपोर्ट पर यूक्रेन से लौट भारतीय छात्र - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीयों की निकासी का बड़ा काम पूरा हो गया है। वहां से 22,500 विद्यार्थियों और भारतीय नागरिकों को वापस लाया गया।यूक्रेन से निकासी अभियान पूरा होने की जानकारी देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़े दो केस बंद कर दिए। 

यूक्रेन में बीते 25 दिनों से जंग जारी है। रूस व यूक्रेन के बीच अब भी सुलह के आसार नजर नहीं आ रहे हैं और उल्टा जंग तेज होती जा रही है। केंद्र सरकार ने शीर्ष कोर्ट से यह भी कहा कि यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों ने भारत में पढ़ाई जारी रखने पर जोर दिया है। सरकार इस पर विचार कर रही है और इस बारे में जल्द फैसला लिया जाएगा। 

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प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण व जस्टिस कृष्ण मुरारी ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल की इस दलीलों पर संज्ञान लेने के बाद इस मामले से जुड़े दोनों केस बंद करने का फैसला किया। वेणुगोपाल ने कहा कि न केवल यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों को वापस लाया जा चुका है, बल्कि उनकी पढ़ाई जारी रखने की भी विचार किया जा रहा है। 
इस पर पीठ ने कहा कि अब इन मामलों में कुछ नहीं बचा है। वकील विशाल तिवारी ने निजी हैसियत से पीआईएल दायर की थी। उन्होंने यूक्रेन से लाए गए विद्यार्थियों की पढ़ाई का भी मसला उठाया था।इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सरकार ने बहुत बड़ा काम किया है और 22,500 छात्रों को वापस लाया गया है। सरकार छात्रों के पढ़ाई जारी रखने के ज्ञापन पर गौर कर रही है। सरकार को निर्णय लेने दें।  
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यूक्रेन में फंसे भारतीयों के मुद्दे पर तिवारी के अलावा बेंगलुरु की फातिमा अहाना ने भी शीर्ष कोर्ट में दस्तक दी थी। अहाना व अन्य विद्यार्थी यूक्रेन के मोल्डोवा में फंस गए थे। उन्होंने उन्हें निकालने के विदेश मंत्रालय को तत्काल पहल करने का निर्देश देने का कोर्ट से आग्रह किया था।

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