साल 2014 में 21 अरब डॉलर से अधिक कालाधन अवैध रूप से भारत से बाहर ले जाया गया। सोमवार को जारी की गई अंतरराष्ट्रीय वॉचडॉग ग्लोबल फाइनेंशियल इंटिग्रिटी (जीएफआई) की नवीनतम रिपोर्ट से ये बात सामने आई है। पिछले साल यानी 2013 की तुलना में विदेशों में अवैध रूप से काले धन की निकासी 19 फीसदी अधिक थी।
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रिपोर्ट के अनुसार 620 और 970 अरब डॉलर के बीच कालाधन व्यापारिक धोखाधड़ी के माध्यम से भेजा गया। रिपोर्ट के अनुसार ये अनुमानित अंतर 1.4-2.5 ट्रिलियन डॉलर का है।
इससे पहले पिछले साल अमेरिकी शोध संस्थान ग्लोबल फाइनेंस इंटिग्रिटी ने रिपोर्ट जारी करके कहा था कि काला धन बाहर भेजे जाने के लिहाज से भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश है, जहां से 2004 से 2013 के बीच हर साल 51 अरब डॉलर धन बाहर गया है।
इस साल का जीएफआई रिपोर्ट पिछली बार के रिपोर्ट के मुकाबले ज्यादा जानकारियां इकट्ठा करके और उनका विश्लेषण करके तैयार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के व्यापारिक आंकड़ों के अलावा अन्य स्रोतों से भी सूचनाओं को शामिल किया गया है। सोने के निर्यात पर स्विस आंकड़ों को छोड़कर भारत में बाहरी और आंतरिक लेनदेन के आंकड़ों को शामिल किया गया है।
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अर्थशास्त्री जोसेफ स्पंजर्स ने बताया कि स्विटजरलैंड से भारत में बड़ी मात्रा में सोने के आयात होने की वजह से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक अंतर को खत्म करने के लिए इस आंकड़े में सुधार किया गया है। उन्होंने इस प्रक्रिया में सहयोग के लिए भारत के डायरक्टरेट और रेवेन्यू इंटेलीजेंस और स्विटजरलैंड के डायरक्टरेट जनरल ऑफ कस्टम्स को धन्यवाद दिया है। अन्य सभी देशों की तरह भारत के लिए भी आंतरिक और बाहरी लेनदेन के लिए इस रिपोर्ट में कई अनुमान प्रस्तुत किए गए हैं।