फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2009 अवमानना केसः प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका, कहा- इजाजत दें

Sat, 12 Sep 2020 06:15 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
प्रशांत भूषण - फोटो : social media
विज्ञापन

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका फाइल की है। इसके तहत उन्होंने मांग की है कि उन्हें आपराधिक अवमानना केस के खिलाफ अपील करने का अधिकार दिया जाए ताकि केस बड़ी और दूसरी बेंच सुन सके।

विज्ञापन

 


शीर्ष अदालत ने अटॉर्नी जनरल से मदद थी मांगी
इससे पहले गुरुवार को शीर्ष अदालत ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण और पत्रकार तरुण तेजपाल के खिलाफ लंबित 2009 के अवमानना मामले में गुरुवार को अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से मदद करने का अनुरोध किया था।

कोर्ट ने तहलका पत्रिका में प्रकाशित साक्षात्कार में उच्चतम न्यायालय के कुछ तत्कालीन पीठासीन और पूर्व न्यायाधीशों पर कथित रूप से लांछन लगाने को लेकर भूषण और तेजपाल को नवंबर 2009 में अवमानना के नोटिस जारी किए थे। 

विज्ञापन


तेजपाल उस वक्त इस पत्रिका के संपादक थे। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के लिए यह मामला आया। भूषण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने कहा कि इस मामले में कानून के बड़े सवालों पर विचार होना है और ऐसी स्थिति में इसमें अटॉर्नी जनरल की मदद की जरूरत होगी।

रिट (याचिका) क्या है 
व्यक्तियों या संस्थानों द्वारा अपने लाभ के लिए दायर की जाती है। यदि मूल अधिकार का उल्लंघन राज्य द्वारा किया जाता है तो राज्य के विरुद्ध न्याय पाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय में जबकि अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालय में writ petition (रिट याचिका) दाखिल करने का अधिकार दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें