18वीं लोकसभा के पहले संसद सत्र से पहले दिन इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने शक्ति प्रदर्शन के लिए एक साथ मार्च निकाला। हाथ में संविधान की प्रतियां लेकर संविधान बचाओ के नारे लगाए।
इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने सोमवार को 18वीं लोकसभा के पहले दिन संसद परिसर में शक्ति प्रदर्शन किया। सदस्यों ने एकत्र होकर "संविधान बचाओ" के नारे लगाए। विपक्षी नेता वहां एकत्र हुए जहां गांधी की प्रतिमा हुआ करती थी। सभी के हाथों में संविधान की प्रतियां थीं।
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18वीं लोकसभा के पहले सत्र के पहले दिन ही इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने सोमवार को संसद परिसर में एकत्र शक्ति प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी नेता राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंद्योपाध्याय, डीएमके के टीआर बालू समेत कई अन्य सदस्यों ने संविधान की प्रतियां अपने हाथों में लेकर उन्होंने "संविधान अमर रहे", "हम संविधान बचाएंगे", "हमारे लोकतंत्र को बचाएंगे" जैसे नारे लगाए। यह नारेबाजी जिस स्थान पर हुई वहां एक समय पर गांधी जी की प्रतिमा हुआ करती थी। गांधी प्रतिमा, जो सांसदों के लिए एक लोकप्रिय विरोध स्थल थी। इसको हाल ही में परिसर में स्थित 14 अन्य प्रतिमाओं के साथ स्थानांतरित कर दिया गया था। जिसे प्रेरणा स्थल नामक एक नए स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया था।
विपक्षी दलों का दावा है कि 2024 के लोकसभा चुनावों का जनादेश सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ है। उनका कहना है कि भले ही वह अन्य दलों के समर्थन से भाजपा सरकार बनाने में सक्षम थी। इंडिया ब्लॉक ने यह भी दावा किया है कि लोकसभा चुनाव के परिणाम दिखाते हैं कि देश की जनता ने "संविधान को बचाने" के लिए विपक्षी दलों का समर्थन किया है।
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बता दें कि 18वीं लोकसभा का पहला सत्र सोमवार सुबह शुरू हुआ। नवनिर्वाचित सदस्य सोमवार और मंगलवार को निचले सदन के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी समेत कई सदस्यों ने पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है। लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव 26 जून को होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को 27 जून को संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस 28 जून को शुरू होगी। प्रधानमंत्री द्वारा 2 या 3 जुलाई को बहस का जवाब देने की उम्मीद है।